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आभा कार्ड है तो अस्पतालों की लंबी लाइन और रिपोर्ट्स के झंझट से मुक्ति

Ranchi : आभा कार्ड (ABHA Card) यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट एक 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसे अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए तैयार किया गया है. अक्सर लोगों में यह भ्रम रहता है कि यह आयुष्मान कार्ड की तरह मुफ्त इलाज की कोई योजना है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. आयुष्मान कार्ड जहां पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देता है, वहीं आभा कार्ड मरीज के पूरे मेडिकल इतिहास को डिजिटल रूप से एक जगह सुरक्षित रखता है.
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  • - बड़े काम के हैं 14 अंकों का आभा (ABHA) कार्ड.
  • - एक क्लिक से मिल जाता है मेडिकल इतिहास.
  • - सुरक्षित रहता है डॉक्टर का हर पर्चा और लैब रिपोर्ट.

Ranchi : आभा कार्ड (ABHA Card) यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट एक 14 अंकों की विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी है, जिसे अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए तैयार किया गया है. अक्सर लोगों में यह भ्रम रहता है कि यह आयुष्मान कार्ड की तरह मुफ्त इलाज की कोई योजना है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है. आयुष्मान कार्ड जहां पात्र परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देता है, वहीं आभा कार्ड मरीज के पूरे मेडिकल इतिहास को डिजिटल रूप से एक जगह सुरक्षित रखता है.

 

डॉक्टर को दिखेगा पूरा मेडिकल हिस्ट्री

इलाज के दौरान मरीजों को पुरानी पर्चियां, एक्स-रे या लैब रिपोर्ट की फाइलें साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं होती. मरीज की सहमति से डॉक्टर 14 अंकों की इस आईडी के जरिए पुरानी बीमारियों, एलर्जी और पूर्व में हुए इलाज का पूरा विवरण अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर एक क्लिक में देख सकते हैं. इससे सही और सटीक इलाज तुरंत शुरू करने में मदद मिलती है.

 

घर बैठे ऐसे बनाएं 14 अंकों का आभा कार्ड 

आभा कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है. कोई भी नागरिक abdm.gov.in पोर्टल या आभा ऐप के जरिए इसे बना सकता है. इसके लिए आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है. आधार सत्यापन के लिए आए ओटीपी को दर्ज करते ही 14 अंकों का कार्ड जनरेट हो जाता है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार, आभा कार्ड देश के प्रत्येक नागरिक के लिए उपलब्ध है और यह स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाता है.

 

मिलती है स्कैन एंड शेयर की सुविधा 

सरकारी और बड़े अस्पतालों में ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. आभा कार्ड धारकों के लिए अस्पतालों में 'स्कैन एंड शेयर' की सुविधा दी गई है. मरीज अपने मोबाइल से अस्पताल का क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन करके अपनी बुनियादी जानकारी काउंटर पर शेयर कर सकते हैं. इससे बिना लाइन में लगे और बिना फॉर्म भरे सेकंडों में डिजिटल पर्चा बन जाता है, जिससे मरीजों का काफी समय बचता है.

 

कार्ड खोने या टूटने पर ऐसे करें प्राप्त 

आभा कार्ड खोने या खराब होने पर नया पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं है. मरीज राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की वेबसाइट abha.abdm.gov.in या आभा ऐप से इसे दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए पोर्टल पर मोबाइल या आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन करना होगा. सत्यापन के बाद आभा कार्ड का प्रिंट निकाला जा सकता है.

 

सुविधा न मिलने पर यहां करें शिकायत 

अस्पताल या लैब में आभा कार्ड स्वीकार न करने पर मरीज राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800-11-4477 या 14477 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा पोर्टल grievance.abdm.gov.in या ईमेल abdm@nha.gov.in के माध्यम से भी शिकायत भेजी जा सकती है. परिसर में मौजूद हेल्पडेस्क से भी मदद ली जा सकती है.

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