Patna: फर्जी अटेंप्ट टू मर्डर केस में पीड़ित को जेल पहुंचाने के मामले में मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैधव ने कार्रवाई की है. उन्होंन केस अनुंसानकर्ता और दारोगा को सस्पेंड कर दिया है. आईजी ने एसआई रघुनाथ प्रसाद और आईओ श्रीकांत कुमार सिन्हा के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया है.
यह मामला फरवरी 2025 का है. नगर थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव में दो लोगों के बीच मारपीट हो गयी थी. इस मारपीट में रिशु राज को अतुल आनंद ने मारपीट कर घायल कर दिया था. पीड़ित ने इस मामले में सदर थाने में अतुल के खिलाफ प्राथिमिकी दर्ज कराने का आवेदन दिया, लेकिन पुलिस ने केस नहीं लिया. उल्टा रिशु को ही अटेंप्ट टू मर्डर केस में जेल भेज दिया गया.
रिशु की शिकायत पर आईजी ने इस केस की समीक्षा की. इस दौरन कई अनिमितताएं सामने आईं. जांच में जो सबसे प्रमुख बात रही कि आवेदक अतुल को यह तक जानकारी नहीं थी कि उसके आवेदन पर थाना में केस दर्ज किया गया है, जबकि केस डायरी में वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. और फर्जी तरीके से, बिना ठोस साक्ष्य के पीड़ित को ही आरोपी बनाकर जेल भेजने की पुष्टि हुई. इसके बाज चार्जशीट भी दाखिल कर दिया था.
पीड़ित ने बताया कि इस केस के आईओ ने उससे 30 हजार रुपये मांगे थे, नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी थी. आईजी ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर अंचल पुलिस निरीक्षक रघुनाथ प्रसाद और पुलिस अवर निरीक्षक श्रीकांत कुमार सिन्हा को निलंबित कर दिया गया है.
वहीं, तत्कालीन नगर थानाध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा द्वारा पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले की जांच का निर्देश पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान को दिया गया है. आईजी ने स्पष्ट किया है कि अनुसंधान में लापरवाही या पक्षपात किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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