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सीआइपी में ब्रेन स्टीमुलेशन पर कार्यशाला व प्रशिक्षण

Ranchi : कांके स्थित केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान में सीआरसी प्रोजेक्ट के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला व प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वर्तमान समय में ब्रेन स्टीमुलेशन की उपयोगिता एवं जरूरत के बारे में चर्चा की गई. ब्रेन स्टीमुलेशन प्रक्रिया में मस्तिष्क में प्रत्यारोपित इलेक्ट्रोड के माध्यम से उत्पन्न विद्युत आवेग का उपयोग असामान्य मस्तिष्क गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. यह विद्युत आवेग मस्तिष्क के भीतर रासायनिक असंतुलन के लिए समायोजन का कार्य भी करता है, जो विभिन्न असामान्य स्थितियों का कारण होता है.

ब्रेन स्टीमुलेशन के बढ़ते प्रभाव और इस्तेमाल के बारे में बताया

कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के डायरेक्टर ने सीआरसी प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी. मौके पर निम्हास बेंगलुरु से आए वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर जगदीश थिरथल्ली एवं प्रोफेसर वेंकट सुब्रह्मण्यन ने ब्रेन स्टीमुलेशन के बढ़ते प्रभाव और उसके उचित इस्तेमाल के बारे में बताया. डॉ मुरलीधरन, डॉ जगदीश, डॉ श्रीराज, डॉ निशांत गोयल, प्रो डी राम, डॉ अजय बाखला, डॉ संजय मुंडा मौजूद रहे. इसे भी पढ़ें – श्रीलंकाई">https://lagatar.in/sri-lankan-captains-innings-did-not-work-india-won-by-67-runs-on-the-basis-of-virats-century/">श्रीलंकाई

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