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RIMS में 11 से 14 सितंबर तक होगा SARANSH-2 विषय पर वर्कशॉप, आज रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि

रिम्स, रांची में  11 से 14 सितंबर तक SARANSH-2 (Systematic Reviews And Networking Support in Health) विषय पर चार दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया जायेगा. इस कार्यशाला का आयोजन रिम्स के सेंटर फॉर एविडेंस फॉर गाइडलाइंस के टेक्निकल रिसोर्स सेंटर द्वारा किया जा रहा है.
 

Ranchi : रिम्स, रांची में  11 से 14 सितंबर तक SARANSH-2 (Systematic Reviews And Networking Support in Health) विषय पर चार दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया जायेगा. इस कार्यशाला का आयोजन रिम्स के सेंटर फॉर एविडेंस फॉर गाइडलाइंस के टेक्निकल रिसोर्स सेंटर द्वारा किया जा रहा है. 

 

वर्कशॉप आयोजित करने का उद्देश्य

इस कार्यशाला में स्वास्थ्य शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित GRADE प्रणाली के माध्यम से साक्ष्य मूल्यांक, जोखिम कारकों, पूर्वग्रह असंगतता और अनुसंधान निष्कर्षों की व्याख्या पर केंद्रित व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) दिया जाएगा. इसके अलावा प्रतिभागियों को GRADEpro सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रिपोर्ट तैयार करना भी सिखाया जाएगा. 

 

वर्कशॉप में देशभर से प्रतिष्ठित विशेषज्ञ वक्ता लेंगे भाग :

  • - प्रोफेसर डॉक्टर क़मेश्वर प्रसाद – फोर्टिस अस्पताल, दिल्ली
  • - प्रोफेसर डॉक्टर कपिल देव सोनी – एम्स, दिल्ली
  • - प्रोफेसर डॉक्टर बलेंद्र प्रताप सिंह – केजीएमयू, लखनऊ
  • - कर्नल ए के यादव – एसीएमएस, दिल्ली
  • - डॉक्टर मन्या प्रसाद – एम्स, दिल्ली
  • - डॉक्टर अमित कुमार – रिम्स, रांची
  • - डॉक्टर अर्पिता राय – रिम्स, रांची
  • - डॉक्टर आशीष दत्त उपाध्याय – एम्स, दिल्ली

 

स्वास्थ्य शोधकर्ताओं ले सकते हैं भाग. आज रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि

कार्यशाला में केवल 35 प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा. यह कार्यशाला झारखंड के मेडिकल कॉलेजों एवं संस्थानों में कार्यरत पीजी छात्र, वैज्ञानिक व फैकल्टी सदस्यों के लिए है. भागीदारी निशुल्क है, लेकिन पूर्व-पंजीकरण अनिवार्य है. पंजीकरण की अंतिम तिथि आज 15 जुलाई है. चयनित प्रतिभागियों को 31 जुलाई 2025 तक ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा.

 

मुख्य आयोजक

  • - डॉ अमित कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, लैब मेडिसिन विभाग, रिम्स रांची
  • - कार्यशाला की संरचना में रिम्स के विभिन्न डीन, अधीक्षक व शोधकर्ता सहयोग कर रहे हैं.

 

महत्वपूर्ण विषय

  • - पीआईसीओ प्रश्न निर्माण, साक्ष्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन
  • - पूर्वग्रह व असंगतियों का विश्लेषण
  • - प्रकाशन पूर्वग्रह और निर्णय फ्रेमवर्क
  • - विभिन्न ग्रेड उपकरणों का प्रयोग
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