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रिम्स में शुरू हुई योग लैब, थायरॉइड पर योग के असर का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मंगलवार को न्यू अकादमिक ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर नई योग लैब का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर थायरॉइड विकारों पर योग और प्राणायाम के प्रभाव का बहुकेंद्रीय शोध अध्ययन भी शुरू किया गया. यह अध्ययन रिम्स के अलावा झारखंड के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी किया जाएगा.
 

Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मंगलवार को न्यू अकादमिक ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर नई योग लैब का उद्घाटन किया गया. इस मौके पर थायरॉइड विकारों पर योग और प्राणायाम के प्रभाव का बहुकेंद्रीय शोध अध्ययन भी शुरू किया गया. यह अध्ययन रिम्स के अलावा झारखंड के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी किया जाएगा.


कार्यक्रम में रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा, डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. मैरी पुष्पा बाड़ा, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संतोष कुमार, प्रो. डॉ. बेला रोज एक्का, प्रो. डॉ. लखन माझी, डॉ. अनुपा प्रसाद, प्रो. डॉ. मणिभूषण कुमार सिन्हा, डॉ. शिशिर, अध्ययन के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. पियूष, साइट पीआई डॉ. राजेंद्र कुमार और स्नातकोत्तर छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.


अध्ययन के तहत प्रतिभागी अगले दो महीने तक नियमित रूप से योग और प्राणायाम करेंगे. इसके बाद थायरॉइड ग्रंथि और उससे जुड़े स्वास्थ्य मानकों पर पड़ने वाले प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा.


रिम्स के निदेशक प्रो. डॉ. डी. के. सिन्हा ने कहा कि योग केवल जीवनशैली का हिस्सा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम भी है. वहीं, प्रो. डॉ. मैरी पुष्पा बाड़ा ने कहा कि इस शोध से थायरॉइड रोगों के इलाज में योग की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रमाण मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में मरीजों के समग्र उपचार में मदद मिलेगी. कार्यक्रम के दौरान डॉ. पियूष ने प्रतिभागियों को योग और प्राणायाम का अभ्यास कराया तथा दैनिक जीवन में योग अपनाने के लाभ भी बताए.

 

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