आबादी का असंतुलन चिंता का विषय
उन्होंने कहा कि आबादी का असंतुलन हर उस देश के लिए चिंता का विषय है, जहां की धार्मिक जनसांख्यिकी प्रभावित होती है और एक समय के बाद वहां अराजकता के साथ-साथ अव्यवस्था जन्म लेती है. उन्होंने कहा कि ऐसे में जब भी हम जनसंख्या नियंत्रण की बात करें, तो समान रूप से एक समाज में हर जाति, मजहब, क्षेत्र, भाषा इन सबसे ऊपर उठकर एक व्यापक कार्यक्रम चलाने की जरूरत है. इसे भी पढ़ें – 5G">https://lagatar.in/adanis-entry-into-5g-spectrum-impacts-bharti-airtel-shares-by-5/">5Gस्पेक्ट्रम में अडानी की एंट्री का असर, भारती एयरटेल के शेयर 5 फीसदी लुढ़के
आबादी का असंतुलन खतरनाक
लखनऊ में विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सीएम योगी ने कहा, `जब हम परिवार नियोजन की बात करते हैं तो हमें ध्यान में रखना होगा कि जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़े, लेकिन जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति भी न पैदा होने पाए. उन्होंने कहा, `हम सभी जानते हैं कि बीते 5 साल से देशभर में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. एक निश्चित पैमाने पर जनसंख्या समाज की उपलब्धि भी है, लेकिन यह उपलब्धि तभी है, जब समाज स्वस्थ व आरोग्यता की स्थिति को हासिल कर सके.` मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी ट्वीट के मुताबिक, योगी ने कहा कि अगर हमारे पास कुशल श्रम शक्ति है, तो यह समाज के लिए एक उपलब्धि है, लेकिन जहां बीमारी, अव्यवस्था, पर्याप्त संसाधनों का अभाव हो, वहां जनसंख्या विस्फोट अपने आप में एक चुनौती भी होता है.जनसंख्या नियंत्रण को बताया जरूरी
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा प्रदेश है और आशा बहनें, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत समिति सहित अन्य प्रतिनिधिगण व शिक्षकगण स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम को और बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं. उन्होंने इस दिशा में सामूहिक प्रयास करने की सलाह भी दी. इसे भी पढ़ें – सजा">https://lagatar.in/center-bound-to-release-salem-on-completion-of-sentence-supreme-court/">सजापूरी होने पर सलेम को छोड़ने के लिए केंद्र बाध्य : सुप्रीम कोर्ट [wpse_comments_template]

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