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1000 करोड़ की मांग, मिले सिर्फ 300 करोड़: अबुआ आवास की रफ्तार धीमी, हजारों घर अधूरे

Ranchi: राज्य की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना वित्तीय कमी के कारण सुस्त पड़ गई है. ग्रामीण विकास विभाग ने वित्त वर्ष 2025–26 के फरवरी माह में 1000 करोड़ रुपये की मांग की थी, जिसे स्वीकृति भी मिल गई थी. लेकिन विभाग को मात्र 300 करोड़ रुपये ही निर्गत किए गए. इसके चलते आवास निर्माण की गति पर प्रतिकूल असर पड़ा है और हजारों लाभुक समय पर राशि नहीं मिलने से परेशान हैं.

 

समय पर राशि नहीं, निर्माण कार्य प्रभावित


कम फंड मिलने के कारण लाभुकों को किस्त समय पर जारी नहीं हो पा रही है. कई जगहों पर आवास निर्माण अधूरा पड़ा है, कहीं नींव के बाद काम रुका है तो कहीं छत डालने के लिए पैसे का इंतजार है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजना की प्रगति धीमी हो गई है.

 

फिर से 1000 करोड़ की तैयारी


ग्रामीण विकास विभाग अधूरे पड़े अबुआ आवास को पूरा करने के लिए एक बार फिर से 1000 करोड़ रुपये की मांग करने की तैयारी में है. विभाग अब वित्त विभाग से राशि निर्गत कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है. बताया जा रहा है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वर्तमान में चुनाव कार्य में दूसरे राज्य में तैनात हैं. उनके लौटने के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा.

 

किस वर्ष कितने आवास किस जिला में किया गया है स्वीकृति


2023-24 में विभाग ने 2 लाख अबुआ आवास स्वीकृत किए थे. समय पर राशि निर्गत नहीं होने के कारण 132416 आवास ही पूरा हो सके हैं. वहीं 2024-25 में 433392 आवास स्वीकृत किए गये थे, जिसमें मात्र 77947 आवास ही पूरे किये जा सके हैं.

 

किस्तों में मिलती है राशि 


अबुआ आवास योजना के तहत लाभुकों को 4 किस्त में पैसा दिया जाता है. विभाग लाभुकों को पहली किस्त आवास स्वीकृति के बाद तुरंत जारी कर देता है. वहीं दूसरी किस्त में नींव तैयार होने, तीसरी किस्त दीवार/छत स्तर तक निर्माण होने पर और अंतिम किस्त मकान पूरा होने पर पर जारी करता है.

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