Search

 
 
 

मध्य प्रदेश और राजस्थान में  Cough Syrup पीने से 11 बच्चों की मौत, जांच समिति का गठन

मध्य प्रदेश ड्रग एंड फार्मास्युटिकल डिपार्टमेंट ने जबलपुर में कटारिया फार्मास्यूटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर पर छापा मारा. यह छापेमारी कफ सिरप के कारण 15 दिनों में 6 बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद की गयी है.
 

New Delhi :  मध्य प्रदेश और राजस्थान में जेनेरिक खांसी की दवा( कफ सिरप) पीने के बाद 11 बच्चों की मौत होने की खबर है. बच्चों की मौत की खबर फैलते ही दोनों राज्यों में हड़कंप मच गया, ड्रग कंट्रोलर ने सिरप के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. सिरप को जांच के लिए  लैब में भेजे जाने की सूचना है.

 

 

कुछ जगहों पर सिरप पीने के बाद कुछ बच्चे बीमार हो गये हैं.  राजस्थान पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया है कि   बच्चों को यह सिरप घर पर बिना डॉक्टर की सलाह के दी गयी थी. उन्होंने कहा कि डेक्स्ट्रोमेथॉर्फन (DXM) दवा बच्चों को प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं दी जाती. डॉक्टर ने इसे बच्चों के लिए नहीं लिखा था.

राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने खांसी की दवा पीने से हुई मौतों के बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. सरकार ने Dextromethorphan Hydrobromide Syrup IP 13.5 mg/5 ml नामक दवा के 20 से अधिक बैचों पर प्रतिबंध लगा दिया है. सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा गया है.   

 

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) ने शिकायतें मिलने के बाद संबंधित बैचों (KL-25/147 और KL-25/148) का वितरण रोक दिया है.  Kaysons Pharma नाम की कंपनी के सारे बैच बैन कर दिए गए हैं

 

 मध्य प्रदेश ड्रग एंड फार्मास्युटिकल डिपार्टमेंट ने जबलपुर में कटारिया फार्मास्यूटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर पर छापा मारा. यह छापेमारी कफ सिरप के कारण 15 दिनों में 6 बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद की गयी है.

 

अधिकारियों के अनुसार, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने डेक्सट्रोमेथोर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप आईपी 13.5 मिलीग्राम/5 मिलीलीटर (Dextromethorphan Hydrobromide Syrup IP) दवा के सेवन से बच्चों की मौत की सूचना के बाद तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. 

 


कटारिया फार्मास्युटिकल्स के वितरक राजपाल कटारिया ने पीटीआई को जानकारी दी कि छिंदवाड़ा में कफ सिरप की आपूर्ति की थी.  इसे पीने के बाद 30 से ज़्यादा बच्चे बीमार हो गये. इन बच्चों नागपुर अस्पतालों में भर्ती कराया गया. लेकिन 6 बच्चों की मौत हो गयी  

 


अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) और US FDA का कहना है कि 4 साल से कम उम्र के बच्चों को डेक्सट्रोमेथॉर्फन या इसी तरह के ओवर-द-काउंटर सिरप नहीं पिलाना चाहिए. FDA की रिपोर्ट के अनुसार इस तरह के सिरप से सांस लेने की परेशानी, नींद में ज्यादा दबाव, चक्कर आ सकते हैं. मौत भी हो सकती है.

 

 

कई रिपोर्ट में कहा गया है कि  2 साल के बच्चों को यह नहीं देनी चाहिए.  2 साल से 6 साल के बच्चों को डॉक्टरों की सलाह पर सीमित मात्रा में देना चाहिए.    

 

 


Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही