Bokaro: बोकारो रेलवे स्टेशन से मंगलवार की रात पटना–रांची एक्सप्रेस से 11 बच्चों का रेस्क्यू किया गया. इन सभी बच्चों को बाल तस्करी के संदेह में ट्रेन से उतारा गया. इसके बाद बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत कर बाल संरक्षण में भेज दिया गया.
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प्रारंभिक पूछताछ में ज्ञात हुआ कि सभी बच्चे बिहार राज्य के अररिया जिले के निवासी हैं और उनकी उम्र करीब 12 से 17 वर्ष के बीच है. बच्चों ने बताया कि उनके गांव के दो युवक उन्हें रांची में रेलवे से संबंधित कार्य कराने के उद्देश्य से लेकर जा रहे थे. पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश बच्चे अपना नाम तक लिखना नहीं जानते हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक एवं सामाजिक रूप से अत्यंत कमजोर स्थिति परिलक्षित होती है.

बाल कल्याण समिति, बोकारो द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को तत्काल अस्थायी देखभाल एवं संरक्षण हेतु बाल देखभाल संस्थान भेजा गया है. साथ ही, बच्चों को रांची ले जाने के वास्तविक उद्देश्य, संभावित बाल तस्करी, बाल श्रम अथवा अन्य अपराधों के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है.
बच्चों के समुचित पुनर्वास, मनोसामाजिक सहयोग एवं भविष्य के सशक्तिकरण के उद्देश्य से उन्हें UNICEF के Passport to Earning (P2E) कार्यक्रम के अंतर्गत आयु एवं आवश्यकता के अनुरूप काउंसलिंग, मनोसामाजिक सहायता, जीवन-कौशल आधारित सत्र तथा करियर जागरूकता संबंधी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, समस्या-समाधान, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, कार्यस्थल पर व्यवहार तथा सुरक्षित रोजगार एवं आजीविका से संबंधित आवश्यक जानकारी विकसित की जाएगी.
बाल कल्याण समिति, बोकारो की अध्यक्ष लीलावती देवी ने कहा, "11 बच्चों को रांची ले जाने के पीछे के वास्तविक उद्देश्य की गहन जांच की जा रही है. यदि जांच में किसी व्यक्ति अथवा गिरोह की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी. बाल कल्याण समिति प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, संरक्षण एवं उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है."
बाल कल्याण समिति ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाते हुए देखें अथवा बाल तस्करी, बाल श्रम या बाल शोषण की आशंका हो, तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके.
इस संपूर्ण रेस्क्यू एवं संरक्षण प्रक्रिया में रेलवे सुरक्षा बल (RPF), चाइल्डलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई , बाल देखभाल संस्थान (CCI) तथा बाल कल्याण समिति , बोकारो की महत्वपूर्ण एवं समन्वित भूमिका रही.
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