Ranchi : रांची विश्वविद्यालय ने विभिन्न पीजी विभागों और कॉलेजों में वोकेशनल और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के तहत काम करने वाले 41 सहायक प्राध्यापकों को 11 महीने का सेवा विस्तार दिया है. रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. यह सेवा विस्तार 19 सितंबर 2026 से लागू माना जाएगा.
आईएमएस के छह शिक्षकों को मिला विस्तार
इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) के छह शिक्षकों को दोबारा नियुक्त किया गया है. इनमें डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. अमित शेखर तिर्की, डॉ. नलिन रंजन त्रिपाठी, डॉ. शिल्पी आभा खलखो, डॉ. सोनी कुमारी और डॉ. पूजा कुमार शामिल हैं.
स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन में संतोष उरांव को सेवा विस्तार दिया गया है. वहीं, केओ कॉलेज, गुमला के बीसीए विभाग में डॉ. अमित कुमार और सिमडेगा कॉलेज के बीसीए विभाग में कौशिक कुमार का पुनर्नियोजन किया गया है.
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रांची वीमेंस कॉलेज के 13 शिक्षकों के नाम शामिल
रांची वीमेंस कॉलेज में कंप्यूटर, आईटी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, बायोटेक्नोलॉजी, फैशन डिजाइनिंग और बीबीए पाठ्यक्रमों में कार्यरत 13 शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया गया है. इनमें पूर्णिमा श्रीवास्तव, उर्मिला भगत, डॉ. मीता, डॉली कुमारी, डॉ. सुप्रिया श्रीवास्तव, डॉ. सोमा रॉय, शालिनी जेन मुंडू, रत्ना सिंह, हर्षिता सिन्हा, अहसन, संतोष कुमार यादव, सीमा कुमारी और राकेश कुमार सिन्हा शामिल हैं.
डोरंडा कॉलेज के इन शिक्षकों को मिला सेवा विस्तार
डोरंडा कॉलेज में कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग की फरजाना खातून, ममता कुमारी और डॉ. अमरदीप कुमार को सेवा विस्तार दिया गया है. बीएससी ऑनर्स आईटी में साधना मिश्रा और पूनम कुमारी, एमसीए में अंशुमान मिश्रा और बीबीए में डॉ. कुणाल का भी पुनर्नियोजन किया गया है.
वित्त पदाधिकारी डॉ. दिलीप प्रसाद का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी
रांची विश्वविद्यालय के प्रभारी वित्त पदाधिकारी डॉ. दिलीप प्रसाद का कार्यकाल बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका कार्यकाल एक साल या नियमित नियुक्ति होने तक बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय से मंजूरी मांगी है.
डॉ. प्रसाद अर्थशास्त्र विभाग में सहायक प्राध्यापक भी हैं. राज्यपाल सचिवालय के पत्र के आधार पर उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार मिला था, जिसकी अवधि 22 अक्टूबर को समाप्त हो रही है. अब विश्वविद्यालय उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाना चाहता है.
कॉलेजों में कर्मचारियों की जरूरत का होगा आकलन
विश्वविद्यालय प्रशासन सभी अंगीभूत कॉलेजों में कुशल और अर्ध-कुशल कर्मचारियों की जरूरत का पता लगा रहा है. इसके लिए विश्वविद्यालय के इस्टेट एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट निदेशालय ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजा है.
प्राचार्यों को 13 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट जमा करनी है. इसमें कॉलेज का कुल क्षेत्रफल, विद्यार्थियों की संख्या और किन-किन जगहों पर कर्मचारियों की जरूरत है, इसकी जानकारी देनी होगी.
साथ ही पुरुष और महिला कर्मचारियों की जरूरत का अलग-अलग ब्योरा भी देना होगा. इस रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय तय करेगा कि किस कॉलेज में कितने कुशल और अर्ध-कुशल कर्मचारियों की जरूरत है और उनकी तैनाती कैसे की जाए.

