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झारखंड के 11 जलाशय 100 फीसदी फुल, खरकई, स्वर्णरेखा, गंगा व सोन नदियां खतरे के निशान के पार

Ranchi News: पानी के भारी दबाव को देखते हुए रांची के कांके डैम का गेट नंबर दो 31 अगस्त की रात से ही लगातार 4 इंच खोलकर रखा गया है. किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कांके डैम के जलस्तर को फुल रिजरवायर लेवल (एफआरएल) से 9 इंच नीचे मेंटेन किया जा रहा है. वहीं राजधानी के धुर्वा डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ते हुए 34 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी कुल क्षमता 39 फीट है.
 
खतरे से ऊपर खरकई नदी
  • - कांके और धुर्वा डैम में बढ़ा पानी का दबाव

Ranchi News: राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. नदियों और डैमों में उफान के कारण कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, राज्य के 11 प्रमुख जलाशय अपनी शत-प्रतिशत भराव क्षमता (100%) तक पहुंच चुके हैं. 


पानी के भारी दबाव को देखते हुए रांची के कांके डैम का गेट नंबर दो 31 अगस्त की रात से ही लगातार 4 इंच खोलकर रखा गया है. किसी भी अनहोनी से बचने के लिए कांके डैम के जलस्तर को फुल रिजरवायर लेवल (एफआरएल) से 9 इंच नीचे मेंटेन किया जा रहा है. वहीं राजधानी के धुर्वा डैम का जलस्तर भी तेजी से बढ़ते हुए 34 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी कुल क्षमता 39 फीट है.

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गेतलसूद डैम फुल होने के करीब

राजधानी की जलापूर्ति के मुख्य केंद्र गेतलसूद डैम का जलस्तर भी अपने 590.240 मीटर के अधिकतम स्तर के बेहद करीब 589.63 मीटर पर पहुंच गया है. राज्य के जो 11 प्रमुख जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, उनमें पारस (674.39 मीटर), नंदनी (674.69 मीटर), बुचाओपा, सुकरी, धनसिंगटोली, अपर शंख, टपकरा, कंसजोर, रामरेखा, जैनासाई और सोनुवा जलाशय शामिल हैं. 


इसके अलावा सिमडेगा का लारवा डैम (587.34 मीटर) और पश्चिमी सिंहभूम का तोरयो डैम (308.71 मीटर) अपनी अधिकतम क्षमता को पार कर ओवरफ्लो कर रहे हैं. इन सभी डैमों के पूरी तरह भर जाने के कारण इनसे कभी भी अतिरिक्त जल छोड़े जाने की पूरी संभावना है.

 

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं प्रमुख नदियां

जलाशयों के उफान के साथ-साथ राज्य की प्रमुख नदियां भी अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं और डेंजर लेवल को पार कर गई हैं. आदित्यपुर ब्रिज के पास खरकई नदी का जलस्तर 129.00 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 132.50 मीटर दर्ज किया गया है. मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी 121.50 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर 122.38 मीटर पर बह रही है. इसी तरह साहिबगंज में गंगा नदी 27.25 मीटर के डेंजर लेवल के मुकाबले 27.590 मीटर और जपला में सोन नदी 125.00 मीटर के खतरे के निशान को पार कर 126.550 मीटर पर पहुंच गई है. नदियों के इस बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों की चिंता बढ़ा दी है.

 

निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट

ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोन नदी, खेरवा में गुमानी नदी (46.900 मीटर) और जामताड़ा में अजय नदी (138.450 मीटर) के जलस्तर में अभी भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि खरकई, स्वर्णरेखा और गंगा नदी के जलस्तर में अब मामूली गिरावट का रुझान है. डैमों के 100% भर जाने और नदियों के डेंजर लेवल से ऊपर बहने के कारण निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा गहरा गया है. 

 

इसे देखते हुए स्वर्णरेखा, खरकई, गंगा और सोन नदी के किनारे बसे गांवों व बस्तियों में प्रशासन लोगों को लगातार अलर्ट कर रहा है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलस्रोतों के पास बिल्कुल न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, जबकि जल संसाधन विभाग 24 घंटे स्थिति की निगरानी कर रहा है.

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