Jamshedpur News : जमशेदपुर के युवा कारोबारी निखार सबलोक की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जमशेदपुर व सरायकेला-खरसावां पुलिस को अहम कामयाबी मिली है. संयुक्त अभियान के तहत पुलिस टीम ने हत्याकांड से जुड़े सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों में हत्या को अंजाम देने वाले दोनों शूटर भी शामिल हैं.
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चांडिल के आसनबनी स्थित 10th Mile Hotel में कारोबारी निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने तकनीकी साक्ष्य, CCTV फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल दो देसी पिस्टल, सात जिंदा गोलियां, छह मोबाइल फोन और वारदात के बाद भागने में इस्तेमाल लाल रंग की Hyundai i10 कार बरामद की है.

निखार सबलोक हत्याकांड का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को आसनबनी के 10th Mile Hotel में 33 वर्षीय निखार सबलोक को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था. निखार को इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH), जमशेदपुर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद उनके पिता संजीव सबलोक की लिखित शिकायत पर चांडिल थाना में 25 अगस्त को केस दर्ज किया गया. मामला BNS की धारा 103(1), 61(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दर्ज हुआ था.
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिंहभूम (कोल्हान) क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया. टीम ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना को जोड़कर लगातार छापेमारी की. जांच के दौरान पुलिस को वारदात के बाद इस्तेमाल की गई लाल रंग की Hyundai i10 कार मिली, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर JH 05 AN 5503 है. पुलिस ने कार को रांची से बरामद कर जब्त किया.
पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह* शामिल हैं. इनमें अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव सोनारी के खंटाडीह का रहने वाला है, जबकि सुनील रजक और रितेश सिंह मानगो के लक्ष्मण नगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं. सुशील केराई सोनारी, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और अंकित सिंह भी सुल्तानपुर जिले के रहने वाले हैं.
बरामद हथियारों में एक देसी पिस्टल की मैगजीन में चार जिंदा गोलियां और दूसरी देसी पिस्टल की मैगजीन में तीन जिंदा गोलियां मिली हैं. इसके अलावा पुलिस ने छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में कई का पहले से आपराधिक इतिहास भी रहा है. अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में वर्ष 2026 में मामला दर्ज है. सुनील रजक के खिलाफ बागबेड़ा, मानगो और ओलीडीह क्षेत्र में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में कई मामले दर्ज हैं. रितेश सिंह के खिलाफ भी वर्ष 2025 और 2026 में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.
सुशील केराई के खिलाफ सोनारी थाना में वर्ष 2014 से 2025 तक कई मामले दर्ज बताए गए हैं. इनमें हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी, मारपीट, आर्म्स एक्ट और NDPS एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं. वहीं अंकित सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में वर्ष 2015 से 2020 के बीच कई मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है.
इस कार्रवाई में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे. पुलिस की टीम में जमशेदपुर के नगर पुलिस अधीक्षक ललित मीणा, सहायक पुलिस अधीक्षक ऋषभ त्रिवेदी, घाटशिला और चांडिल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी समेत आदित्यपुर, एमजीएम, मानगो, बिष्टुपुर, कपाली, नीमडीह, ईचागढ़, राजनगर, ओलीडीह और अन्य थानों के अधिकारी शामिल थे. तकनीकी शाखा की टीम ने भी जांच में सहयोग किया.
पुलिस की इस कार्रवाई से निखार सबलोक हत्याकांड की जांच को महत्वपूर्ण सफलता मिली है. हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है. पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.
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