New Delhi : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही फिर से बहाल हो जाने की खबर है, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस खबर की पुष्टि कर दी है. MEA के अनुसार दो भारतीय झंडे लगे जहाज सफलतापूर्वक फारस की खाड़ी में इंटर कर चुके हैं.
10 भारतीय झंडे लगे जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में घुसने का इंतजार कर रहे हैं. अहम जानकारी सामने आयी है कि 17 जून से आज तक भारत आने वाले 11 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं.
जान लें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इतना महत्वपूर्ण क्यों है. दरअसल यह मध्य पूर्व का एक संकरा समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया का लगभग 20-25 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के टैंकर गुजरते है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर कर सऊदी अरब, ईरान, इराक, UAE, कुवैत और कतर आदि देशों का तेल विश्व बाजार में पहुंचता है.
MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने आज मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेस में बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी है. मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए है.
प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने जानकारी तीन भारतीय ध्वज वाले क्रूड ऑयल टैंकर देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड होर्मुज से निकल चुके हैं. कर चुके हैं. इन टैंकरों में 8 लाख 60 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल लदा है. इन पर 94 भारतीय नाविक सवार हैं.
रंधीर जायसवाल ने बताया कि टैंकर देश वैभव गुजरात के वडिनार बंदरगाह और देश विभोर सिक्का पहुंचने वाला है. जहाज सनमार हेराल्ड एक जुलाई को ओडिशा के परादीप पहुंचेगा. प्रवक्ता के अनुसार विदेशी ध्वज लगा एक LPG टैंकर, एक क्रूड ऑयल टैंकर और छह बल्क कैरियर भारत के लिए खाद्यान्न और फर्टिलाइजर लेकर आ रहे हैं.
क्रूड ऑयल से इतर फर्टिलाइजर का आयात भी इसी मार्ग(स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से हो रहा है. रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अनुसार यूरिया, DAP और सल्फर लेकर चार जहाज होर्मुज पार कर चुके हैं. जहाज आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम, काकिनाडा, ओडिशा के परादीप और गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेंगे.
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