Lagatar Desk : बिहार में करीब 1200 नियमित अमीन 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. अमीनों के हड़ताल पर जाने से जमीन की मापी, कोर्ट से जुड़े मापी के मामले और जमाबंदी सुधार जैसे जरूरी काम प्रभावित होने लगे हैं. वहीं अब बिहार राजस्व अमीन संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में है. 9 अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा.
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क्या हैं अमीनों की प्रमुख मांगें
- - वेतनमान को पे लेवल-6 करना
- - लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करना
- - यात्रा और पेट्रोल भत्ता देना
- - खाली पदों पर नई नियुक्ति
- - पदनाम में बदलाव
- - प्रमोशन की स्पष्ट व्यवस्था
सहमति के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी
बिहार राजस्व अमीन संघ के अनुसार, मार्च 2026 में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के साथ सकारात्मक बातचीत हुई थी. संघ का दावा है कि इस दौरान वेतनमान को लेवल-6 करने और कर्मचारियों को नजदीकी जिलों में स्थानांतरित करने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी थी. संघ का यह भी आरोप है कि तबादले के लिए तीन बार पोर्टल भी खोला गया. लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. इससे कर्मचारियों में नाराजगी है.
जमाबंदी अभियान के बीच हड़ताल से बढ़ी चिंता
राज्य में इन दिनों जमाबंदी शुद्धिकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान चल रहा है. इस दौरान जमाबंदी में दर्ज गलतियों को ठीक करने और संबंधित मामलों का निपटारा करने का काम किया जा रहा है. यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलना प्रस्तावित है. ऐसे समय में बड़ी संख्या में अमीनों के हड़ताल पर जाने से इन कामों की गति प्रभावित होने की आशंका है. जमीन की मापी और राजस्व से जुड़े मामलों के निपटारे में भी देरी हो सकती है.

