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ट्रेनों के AC कोच से 1.27 करोड़ बेडशीट, कंबल, तकिये के कवर चोरी, इलजाम यात्रियों पर, रांची भी बदनाम

NewDelhi : भारतीय रेलवे में सफर करने वाले AC कोच के यात्रियों को लेकर एक अहम खबर सामने आयी है. यह खबर अच्छी नहीं है.  बता दें कि AC-3, AC-2 और AC-1 कोच में हर दिन लाखों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. देशभर के विभिन्न जोन में हर रात लगभग 8 लाख पैसेंजर्स को बेडरोल मुहैया कराये जाते हैं. इस संबंध में शर्मनाक रिपोर्ट सामने आयी है.

 

रिपोर्ट के अनुसार  2022 से मई 2026 तक  AC कोचेज से 1.27 करोड़ बेडशीट, तकिये के कवर, कंबल और तौलिये गायब हो गये. यानी चोरी कर लिये गये. रिपोर्ट के अनुसार बेडशीट चोरी के मामले में बीकानेर, तौलिया चोरी के मामले में दिल्ली.  तकिये के कवर चुराने के मामले में सोनपुर और कंबल चोरी मामले में जोधपुर क्षेत्र सबसे आगे है.

 

इस चोरी के कारण रेलवे को बेडरोल मुहैया कराने वाले ठेकेदार को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है. जानकारी के अनुसार ठेकेदार इस नुकसान की भरपाई खुद नहीं करता. वह अपने कर्मचारियों के वेतन से पैसे काट लेता है. इतने बड़े पैमाने पर बेडरोल गायब होने की घटनाओं से रेलवे के अधिकारी सकते में हैं.

 

सूत्रों के अनुसार भारतीय रेलवे अब AC कोच के चोरों के खिलाफ सख्ती  बरतेगा. पकड़े जाने पर यात्रियों के   खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाने की योजना बनाई जा रही है.  इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार AC बोगी से सफर करने वाले हर 1000 यात्रियों में से एक यात्री चोरी की घटना में लिप्त रहता है.

 

जान लें कि रेलवे के 18 जोन के सभी 69 डिवीजनों से बेडरोल चोरी के बारे में सूचना का अधिकार कानून(RTI)  के तहत  जानकारी मांगी गयी थी. 16 रेलवे जोन के 54 मंडलों ने जवाब दिये. यह जानकारी सामने आयी कि जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच कम से कम 1.27 करोड़ बेडरोल के सामान गायब हो गये.

 

2022 से 2025 तक ऐसी घटनाओं में 56 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. कोरोना संक्रमण काल के बाद जनवरी 2022 से बेडरोल देने की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई थी.  सूचना केअधिकार के तहत जो आंकड़े सामने आये. उसके अनुसार 2022 से मई 2026 अवधि में बेडरोल की चोरी के कारण ठेकेदारों को लगभग 104.51 करोड़ रुपये का चूना लगा.  

 

बेडरोल चोरी के सर्वाधिक मामले देश के सात रेलवे जोनों के 10 रेल मंडलों में सामने आये हैं.  इन मंडलों में  रांची (झारखंड), बीकानेर, जोधपुर और जयपुर(राजस्थान ), दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद(गुजरात), सोनपुर और दानापुर(बिहार ) तथा बिलासपुर (छत्तीसगढ़) शामिल हैं. आंकड़ों के अनुसार इन 10 मंडलों में  चोरी की लगभग 67 प्रतिशत घटनाएं दर्ज हुई हैं.  

 

भारतीय रेलवे के एसी कोचों से बेडरोल और लिनेन चोरी के मामलों के बीच दक्षिण रेलवे के दो मंडलों (तिरुचिरापल्ली और पलक्कड़) ने मिसाल पेश का है. आंकड़ों के अनुसार इन दोनों मंडलों में बेडरोल या लिनेन चोरी की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है.  
 


रेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि रेलवे लिनेन चोरी रोकने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. प्रवक्ता के अनुसार अब तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो पाये कि रेलवे स्टाफ की चोरी में मिलीभगत रही है.

 

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