- ऐतिहासिक धरोहर के सीमांकन और विकास का ऐलान
- 101 पाहनों ने की सामूहिक पूजा
Ranchi : कांके के पिठौरिया स्थित ऐतिहासिक मुड़हर पहाड़ पर गुरूवार को 15वां खूंटकटी मुंडा समाज धर्म सभा सह मिलन समारोह का आयोजन हुआ. इसमें झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और असम से मुंडा समाज के प्रतिनिधी बड़ी संख्या शामिल हुए.
इस दौरान सैकडो खोड़हा दलो ने अपनी परंपरा, संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रदर्शन किया. इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक एकता की अनूठी झलक देखने को मिली.
कार्यक्रम की शुरुआत अरविंद पाहन द्वारा कोम्पाट में पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से हुई. इस दौरान 101 पाहनों ने सामूहिक रूप से पूजा किए. समाज की सुख-समृद्धि और एकजुटता की कामना की.
समारोह में अध्यक्ष शैलेन्द्र पाहन, कार्यकारिणी अध्यक्ष मनीष मुंडा, सचिव बसंत पाहन, संगठन सचिव देवेंद्र पाहन, उपकोषाध्यक्ष फूल कुमार मुंडा, दरिद्र पाहन सहित कई गणमान्य लोग एवं समाज के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कांके विधायक सुरेश बैठा शामिल हुए. उन्होंने मुंडा समाज की परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित की बात कही. और घोषणा किया कि सुतियाम्बे के मुख्य द्वार को एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और धार्मिक महत्व को नई पहचान मिलेगी.
विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि छोटानागपुर क्षेत्र के प्रथम महाराजा मदरा मुंडा आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपरा के प्रतीक हैं. उन्होंने कहा कि महाराजा मदरा मुंडा से जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए सरकार गंभीर है.
इन स्थलों को चिन्हित कर उनका सीमांकन कराया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से जोड़कर रखा जा सके. साथ ही इन धार्मिक स्थलों के सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस पहल की जाएगी.
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