Ranchi News: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के तहत सत्यनिष्ठा शपथ समारोह का आयोजन किया गया. न्यू एकेडमिक बिल्डिंग स्थित अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य (ELL) विभाग के कक्ष संख्या 314 में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 200 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. IQAC के सहयोग से आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने ईमानदारी, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की.
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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मनोहर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सत्यनिष्ठा को व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना जरूरी है. विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और जवाबदेही को अपने आचरण में शामिल करना चाहिए.
डॉ. नमिता सिंह ने नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता की शुरुआत स्वयं से होती है. वहीं, डॉ. अभय कृष्ण सिंह ने शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और नैतिक आचरण को भी जरूरी बताया. उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की अपील की.
NSS की निदेशक डॉ. रजनी ने समाज में नैतिकता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी का संदेश फैलाने में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका को रेखांकित किया. NSS समन्वयक डॉ. विनय भरत ने कहा कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य की आधारशिला है. उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही अपनाने के साथ भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की भावना विकसित करने का आह्वान किया.
NSS की समन्वयक डॉ. अपर्णा सिन्हा ने सत्यनिष्ठा को स्वस्थ और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला बताया. उन्होंने नागरिकों से अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने की अपील की. विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (PRO) डॉ. राजेश सिंह ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने में शैक्षणिक संस्थानों और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.
कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य विभाग की शिक्षिका अदिति ने किया. मौके पर विभाग की डॉ. रश्मि, डॉ. करिश्मा परिजात, डॉ. सुप्रिया आनंद, नीलिमा, रुचिका, तस्कीन केरकेट्टा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने सत्यनिष्ठा की शपथ लेते हुए ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता के मूल्यों को अपनाने तथा भ्रष्टाचार से दूर रहने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का संदेश रहा—“सत्यनिष्ठा हमारी पहचान है, भ्रष्टाचार-मुक्त भारत हमारा संकल्प है.”
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