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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंकों की 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल शुरू

National News : अहम बात यह है कि 12 सितंबर से  दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख राष्ट्रों के शीर्ष नेता शामिल होने पहुंच रहे हैं. ऐसे में वैश्विक स्तर पर भारत की साख और देखते हुए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से हड़ताल को टालने की अपील की थी. लेकिन यूनियन के नेताओं ने सरकार की अपील खारिज कर दी
 
देशव्यापी हड़ताल शुरू (फाइल फोटो)

 National News : यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर  आज शुक्रवार को 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू हो गयी. हड़ताल का असर  देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकिंग सेवाएं पर पड़ रहा है. इस हड़ताल का गहरा असर पड़ेगा, क्योंकि कल महीने का दूसरा शनिवार और उसके बाद रविवार और फिर गणेश चतुर्थी है. यानी लगातार चार दिनों तक देश के अधिकतर भागों में बैंक बंद रहेंगे.  

 


अहम बात यह है कि 12 सितंबर से  दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है. सम्मेलन में दुनिया भर के प्रमुख राष्ट्रों के शीर्ष नेता शामिल होने पहुंच रहे हैं. ऐसे में वैश्विक स्तर पर भारत की साख और देखते हुए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन ने यूनियनों से हड़ताल टालने की अपील की थी. लेकिन यूनियन के नेताओं ने सरकार की अपील खारिज कर दी. यूनियन अपनी लंबित  पांच दिन के कार्य सप्ताह को तुरंत अधिसूचित करने की मांग छोड़ने को तैयार नहीं हैं.

 

 

 

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा आदि बड़े सरकारी बैंकों में कामकाज पर असर पड़ना लाजिमी है. नगद जमा और निकासी, ड्राफ्ट जारी करने, नए खाते खोलने, संस्थागत ट्रेड क्लीयरेंस और चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) जैसी शाखा-आधारित सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी. HDFC, ICICI और एक्सिस बैंक जैसे बड़े निजी बैंकों पर हडताल का असर होने की खबर नहीं है.

 

  

मामला यह है कि बैंक कर्मचारी दो सालों से पांच दिन का सप्ताह (कार्यदिवस) लागू करने की मांग को लेकर संघर्षरत हैं. पूर्व में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA)और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते में सभी शनिवारों को आधिकारिक अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी.

 

 

साथ ही बैंक यूनियनों के नेता इस बात पर सहमत हुए थे कि एक कार्य दिवस(शनिवार) के नुकसान की भरपाई के लिए सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज के घंटों में 40 मिनट बढ़ा दिये जायेंगे. दरअसल IBA की सिफारिश के बावजूद,केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने इसकी अंतिम प्रशासनिक अधिसूचना जारी आज तक जारी नहीं की है. इस कारण बैंक कर्मचारी  वर्तमान में अल्टरनेट-सैटरडे के पुराने नियम के तहत काम काम कर रहे हैं. 

  

 

बैंकिंग सेवा नियमों और भारतीय श्रम कानूनों के अनुसार हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों पर काम नहीं तो वेतन नहीं..का सिद्धांत लागू है.इसका मतलब हड़ताल में शामिल होने बैंक कर्मचारियों के मासिक वेतन से एक दिन के मूल वेतन काट लिया जायेगा.  

 

 

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