का लोचा : एक हजार करोड़ की जलापूर्ति योजना लटकी है अधर में
निजी कंपनियों को अप्रेन्टिसशिप पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत : अमितावा बख्शी
alt="" width="600" height="311" /> अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग (बीओपीटी पूर्वी क्षेत्र) द्वारा आयोजित इस मेले को सफल बनाने की दिशा में आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का प्रयास काफी सराहनीय है. सरकार ने इस कार्यक्रम को इसलिए चलाया है, ताकि बरोजगारी कम हो सके. निजी कंपनियों को अप्रेन्टिसशिप पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है. इससे ज्यादा से ज्यादा युवा स्किल्ड हो सकेंगे. इस मेले में झारखण्ड, बिहार, बंगाल एवं ओड़िशा राज्य के अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. मंगलवार (31 फरवरी) को इस मेले का दूसरा एवं अंतिम दिन है. इसे भी पढ़ें : 1932">https://lagatar.in/1932-not-possible-block-wise-planning-policy-salkhan-murmu/">1932
संभव नहीं, प्रखंडवार बने नियोजन नीति : सालखन मुर्मू
27 कंपनियों ने लिया हिस्सा, दूसरे दिन मंगलवार को 15 अन्य कंपनियां आयेंगी
alt="" width="600" height="207" /> बीओपीटी के सहायक प्रशिक्षण निदेशक के चन्द्रमौली एवं ओएसडी झारखण्ड के संतोष कुमार ने बताया कि आज जो कंपनियां आई हैं उनमें मेकॉन लिमिटेड, एसीसी, बीएमडबल्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रामकृष्ण फोर्जिंग, टाटा मोटर्स, टिनप्लेट, टाटा पिगमेंट, क्यूएमसीसी (टाटा स्टील), टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड, फ्लीटगार्ड फिल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, एएसएल मोटर्स, एपेक्स ऑटो, ऑटोमेटिव एक्सेल लिमिटेड, हाइड्रोकिम्प, माल मेटालिक्स प्राइवेट लिमिटेड, पेब्को मोटर्स, नर्सिंग इस्पात, जेडएफ कॉर्मशियल व्हिकल व अन्य शामिल हैं. मेले में पहले दिन लगभग 27 कंपनियों ने हिस्सा लिया. मंगलवार को और 15 कंपनियां हिस्सा लेने आ रही हैं. [wpse_comments_template]

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