Ranchi: 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में सीबीआई के गवाह पंकज यादव की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने मामले में सीबीआई और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है. प्रार्थी ने अपने खिलाफ बरियातू थाना में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह किया है.
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राजीव कुमार में कोर्ट को बताया कि सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में प्रार्थी पंकज यादव ने एक आवेदन दिया था. जिसमें कहा था कि वह राष्ट्रीय खेल घोटाला में सीबीआई के गवाह है. सरकार के तत्कालीन पुलिस के वरीय अधिकारी द्वारा एक साजिश रची जा रही है ताकि वह गवाही न दें. उनके खिलाफ झारखंड अगेंस्ट करप्शन का लेटर पैड के दुरुपयोग को लेकर एक झूठी प्राथमिकी भी दर्ज करा दी गई है.
जिस व्यक्ति से प्रार्थी के खिलाफ बरियातू थाना में वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी उसे तत्कालीन पुलिस अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है. उसे बॉडीगार्ड भी मुहैया कराया गया ताकि प्रार्थी गवाही न दे सके. राष्ट्रीय खेल घोटाला के दौरान अनुराग गुप्ता स्पोर्ट्स डायरेक्टर पद पर थे. मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में सीबीआई से रिपोर्ट मांगी थी लेकिन करीब डेढ़ साल बीतने के बाद भी अब तक रिपोर्ट सीबीआई ने अदालत को नहीं दी है.
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