- 50 करोड़ बजट के बावजूद कम खर्च, जानकारी के अभाव में छात्र वंचित
Ranchi : केंद्र सरकार की टॉप क्लास एजुकेशन स्कॉलरशिप योजना के तहत झारखंड के 388 छात्रों का चयन किया गया है. यह योजना अनुसूचित जाति (SC) छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है.
हालांकि इस योजना के लिए करीब 50 करोड़ 1 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया था, लेकिन जानकारी के अभाव में महज 2 करोड़ 36 लाख रुपये ही खर्च हो सके हैं, जिससे बड़ी संख्या में छात्र इसका लाभ लेने से वंचित रह गए.
इस योजना का लाभ लेने वालों में सबसे अधिक छात्र BITS रांची से हैं. BITS रांची 127, NIT जमशेदपुर 31, TISS मुंबई 15, IIT धनबाद 11, EFLU हैदराबाद 10, NIT अगरतला 8, IIM बोधगया, NIT इलाहाबाद, NIT दुर्गापुर के 6, IIIT रांची 5, IIM लखनऊ और IIT वाराणसी 5 छात्र के आलावे देश के अन्य शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले मात्र 388 छात्रों का चयन किया गया है.
क्या है योजना का उद्देश्य
इस स्कॉलरशिप का उद्देश्य 12वीं के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले SC छात्रों को वित्तीय सहायता देकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है. चयनित छात्रों को पूरे कोर्स की अवधि तक सहायता मिलती है, बशर्ते उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा हो.
इसके लिए छात्र SC वर्ग का होना चाहिए, परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक, मान्यता प्राप्त संस्थान में फुल-टाइम कोर्स में नामांकन, केवल प्रथम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते है.
स्कॉलरशिप के तहत पूरी ट्यूशन फीस और अन्य शुल्क (निजी संस्थानों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये प्रति वर्ष), पहले वर्ष 86,000 रुपये और बाद के वर्षों में 41,000 रुपये वार्षिक सहायता मिलती है. किताबें, स्टेशनरी और लैपटॉप/कंप्यूटर के लिए भी सहायता, कुल सीटों में 30% आरक्षण SC छात्राओं के लिए होता है.
इसके तहत एक परिवार से अधिकतम 2 छात्रों को ही लाभ मिलता है. DBT के माध्यम से सीधे खाते में राशि ट्रांसफर किया जाता है. अगले कक्षा में नहीं जाने पर स्कॉलरशिप बंद कर दी जाती है. छात्र इस योजना के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
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