Ranchi : जिला गृह रक्षा वाहिनी रांची की होमगार्ड बहाली प्रक्रिया पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इटकी प्रखंड के अभ्यर्थी रोयल तिर्की ने उपायुक्त से शिकायत की. अभ्यर्थी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बहाली में बार-बार मेरिट लिस्ट बदली गई और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दर्जनों अभ्यर्थियों को नियुक्ति से वंचित रखा गया.
शिकायत के अनुसार, विज्ञापन संख्या 1/16 के तहत वर्ष 2018 में जारी मेरिट लिस्ट में उनका नाम शामिल था, लेकिन नामांकन नहीं किया गया. इसके बाद 58 अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. WPC 781/2022 में आए आदेश के बाद 11 अभ्यर्थियों का नामांकन हुआ, जबकि 47 अभ्यर्थी अब भी चयन की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

डीसी से की शिकायत
रोयल तिर्की का आरोप है कि बाद में दायर सिविल रिव्यू संख्या 33/2025 के बाद इटकी और नगड़ी प्रखंड के अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट प्रकाशित की गई, लेकिन इसमें भी कथित रूप से मनमानी की गई. सूची में 32 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया, जबकि 15 अभ्यर्थियों को असफल घोषित कर दिया गया.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 की मूल मेधा सूची में शामिल कुछ ऐसे अभ्यर्थियों को भी 1 जून 2026 को सफल घोषित कर नामांकन के लिए बुलाया गया, जिन्होंने अदालत में कोई याचिका तक दायर नहीं की थी. इससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
आवेदन में जिला समादेष्टा पर आरोप लगाया गया है कि अलग-अलग प्रखंडों के लिए अलग-अलग अंकों के आधार पर नई-नई मेरिट लिस्ट तैयार की जा रही है. अभ्यर्थियों ने कहा है कि बहाली प्रक्रिया किसी निर्धारित नियमावली के बजाय बदलते मानकों पर संचालित हो रही है, जिससे पात्र उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है.
रोयल तिर्की ने उपायुक्त से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. मेधा सूची निर्धारण की प्रक्रिया सार्वजनिक करने और वंचित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है.
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