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50 करोड़ का बैंक लोन घोटाला : व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को HC से मिली बेल

झारखंड राज्य सहकारिता बैंक के सरायकेला शाखा से 50 करोड़ के घोटाले के आरोपी व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उन्हें जमानत दे दी दी है. मामले में प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा.
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कोर्ट-कचहरी की खबरें

Ranchi : झारखंड राज्य सहकारिता बैंक के सरायकेला ब्रांच से 50 करोड़ घोटाले के आरोपी व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को झारखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उन्हें जमानत दे दी है. मामले में प्रार्थी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा. 

 

बता दें कि इससे पहले संजय कुमार डालमिया ने चाईबासा की एसीबी की विशेष अदालत में जमानत की गुहार लगाई थी. लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 

 

दरअसल सरायकेला थाना में 22 अगस्त 2019 को झारखंड राज्य सहकारिता बैंक की सरायकेला शाखा में करोड़ों के घोटाले का मामला दर्ज कराया गया था. इसमें सरायकेला शाखा से व्यवसायी संजय कुमार डालमिया द्वारा विभिन्न कंपनियों के नाम पर 50 करोड़ लोन लेकर नहीं लौटाए जाने का आरोप है.

 

मामले में को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपथी, सहायक मदन लाल प्रजापति, मैनेजर धीरेंद्र कुमार सवईयां, क्षेत्रीय कार्यालय चाईबासा के एजीएम, लेखापाल शंकर बंदोपाध्याय, एमडी मनोज नाथ शाहदेव, मुख्यालय एजीएम संदीप सेन, सीईओ ब्रजेश्वर नाथ और व्यवसायी संजय कुमार डालमिया को आरोपी बनाया गया था.

 

इस मामले की जांच में सीआईडी की टीम ने सहकारिता बैंक के तत्कालीन मैनेजर सुनील कुमार सतपति और एक अन्य आरोपी मनसा महतो के खिलाफ चार्जशीट की थी. बाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मामले में प्राथमिकी (कांड संख्या 8/ 2020 ) दर्ज की थी.

 

बताया जाता है कि संजय कुमार डालमिया नाम के व्यवसायी को 8 अलग-अलग लोन में 50 करोड़ की राशि दी गई थी. बैंक से राशि निर्गत करने के पूर्व कागजात का सत्यापन कर चेकर आईडी जारी करनी होती है.

 

मंशा राम महतो ने 1.10 करोड़ रुपये की चेकर आईडी जारी कर पैसे जारी करवाए थे. कागजात में गड़बड़ी के बाद भी व्यवसायी को लोन जारी किया गया था. साथ ही बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति ने नियम का उल्लंघन कर संजय कुमार डालमिया को लोन दिया.

 

 

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