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झारखंड में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली शतरंज व साइक्लिंग प्रतियोगिता का भव्य आगाज

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली शतरंज एवं साइक्लिंग (रोड एवं ट्रैक) प्रतियोगिता की शुरूआत हो गई है. मंगलवार को प्रतियोगिता का आगाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दीप प्रज्वलन कर हुआ. यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 13 जनवरी से 17 जनवरी तक आयोजित होगी
 

Ranchi: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली शतरंज एवं साइक्लिंग (रोड एवं ट्रैक) प्रतियोगिता की शुरूआत हो गई है. मंगलवार को प्रतियोगिता का आगाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और दीप प्रज्वलन कर हुआ. यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता 13 जनवरी से 17 जनवरी तक आयोजित होगी. 

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साइक्लिंग रोड एवं ट्रैक प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह रिंग रोड स्थित विकास नेवरी में हुआ. इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व खेल मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर सहित विशिष्ट अतिथियों में ट्रैफिक डीएसपी शिवकुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडेंट एस.एस. गील, झारखंड साइक्लिंग संघ के महासचिव शैलेन्द्र कुमार पाठक एवं डॉ. धर्मेंद्र लाम्बा शामिल हुए.

वहीं शतरंज प्रतियोगिता का उद्घाटन खेलगांव स्थित हरिवंश ताना भगत इंडोर स्टेडियम में हुआ. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त सचिव- मनीष कुमार, अखिल भारतीय शतरंज संघ के अधिकारी सहित विशिष्ट अतिथियों में नवजोत अलंग (सचिव, रांची जिला शतरंज संघ) एवं दीपक कुमार (अंतर्राष्ट्रीय आर्बिटर) शामिल हुए. सभी अतिथियों का स्वागत आयोजन सचिव सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया.

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साइक्लिंग रोड एवं ट्रैक प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि पूर्व खेल मंत्री मिथलेश कुमार ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि खेल वह माध्यम है, जिससे खिलाड़ी न केवल अपना, बल्कि अपने परिवार, राज्य और देश का नाम रौशन करते हैं. पढ़ाई जीवनयापन सिखाती है, जबकि खेल मान-सम्मान, पहचान और आत्मविश्वास प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में झारखंड को मिल रही नई पहचान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच और निरंतर समर्थन का परिणाम है.

वहीं, शतरंज प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि मनीष कुमार ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज भारत पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में विश्व चैंपियन है, जो देश के लिए गर्व की बात है. उन्होंने खिलाड़ियों से पूरे मनोयोग और लगन के साथ मेहनत करने का आह्वान किया.

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स्वागत संबोधन में आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग ने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन बौद्धिक परंपरा का प्रतीक है, जिसकी उत्पत्ति “चतुरंग” के रूप में इसी धरती पर मानी जाती है. यह खेल धैर्य, एकाग्रता, अनुशासन और दूरदर्शिता के साथ-साथ छात्र जीवन में चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है.

इस राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिता में शतरंज के अंडर-14 बालक एवं बालिका वर्ग तथा साइक्लिंग रोड एवं ट्रैक के अंडर-14, 17 एवं 19 आयु वर्ग में देशभर से लगभग एक हजार खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.

 

राजस्थान के रोहित पुनिया  ने जीता स्वर्ण 

मंगलवार को आयोजित हुई साइक्लिंग रोड प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक वर्ग की 20 किलोमीटर स्पर्धा में राजस्थान के रोहित पुनिया ने स्वर्ण पदक, कर्नाटक के होनपा धर्माटी ने रजत पदक एवं हनुमंथा हुलकरी ने कांस्य पदक जीता. पूरे आयोजन को सफल बनाने में राज्य खेल कोषांग के सभी सदस्यों एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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