Ranchi : झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शनिवार को मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी (रांची) में खेला गया. यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 27 जनवरी से प्रारंभ हुई थी.
अंडर-17 बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए उड़ीसा की टीम को 3–0 से पराजित कर चैंपियनशिप अपने नाम की. पूरे मैच के दौरान झारखंड की टीम ने आक्रामक खेल, बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया.
इस वर्ग में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीरन सोई मुंडा (झारखंड) को, बेस्ट गोलकीपर का खिताब प्रीति बारला (झारखंड) को तथा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब संजना कीरो (उड़ीसा) को प्रदान किया गया.
वहीं, अंडर-17 बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में झारखंड के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए हरियाणा को 4–0 से शिकस्त दी और खिताब पर कब्जा जमाया. इस ऐतिहासिक जीत के साथ झारखंड ने दोनों वर्गों में चैंपियन बनकर राज्यवासियों को दोहरी खुशी दी.
इस वर्ग में मैन ऑफ द मैच का खिताब पतरस हस्सा (झारखंड) को, बेस्ट गोलकीपर का खिताब रोमिल नंदल (हरियाणा) को तथा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अनमोल कौनगारी को प्रदान किया गया.
तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबलों में बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश ने मणिपुर को 3–1 से पराजित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बालक वर्ग में उत्तर प्रदेश ने उड़ीसा को 3–1 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया.
समापन समारोह की मुख्य अतिथि शुचि सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, दक्षिण पूर्व रेलवे रांची सह खेल पदाधिकारी, साउथ ईस्टर्न रेलवे स्पोर्ट्स एसोसिएशन एवं भोलानाथ सिंह, अध्यक्ष एशियन हॉकी फेडरेशन सह महासचिव हॉकी इंडिया थे.
विशिष्ट अतिथियों में सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा (प्रशासी पदाधिकारी, राज्य परियोजना परिषद), सुमराय टेटे (ध्यानचंद अवार्डी), पुष्पा प्रधान (अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी), सावित्री तिर्की, विजय शंकर सिंह (महासचिव, हॉकी झारखंड), ओम प्रकाश ठाकुर (महासचिव, सेरसा), डॉ. महेंद्र प्रसाद (असिस्टेंट प्रोफेसर, बीआईटी मेसरा) एवं जयंत केरकेट्टा उपस्थित रहे.
सभी अतिथियों का स्वागत राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी सह आयोजन सचिव धीरसेन ए. सोरेंग द्वारा पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया.
स्वागत भाषण में सच्चिदानंद द्विवेदी तिग्गा ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह झारखंड राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने बताया कि SGFI द्वारा सौंपे गए पांच खेलों के आयोजन दायित्वों में से हॉकी प्रतियोगिता का सफल समापन राज्य के लिए गर्व की बात है.
साथ ही उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रतिनियुक्त शारीरिक शिक्षा शिक्षकों, तकनीकी पदाधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के योगदान की सराहना की.
मुख्य अतिथि शुचि सिंह ने कहा कि भारतीय रेल खेलों को प्रोत्साहन, प्रशिक्षण एवं रोजगार देकर देश की सबसे बड़ी खेल समर्थक संस्थाओं में से एक है. उन्होंने खिलाड़ियों को जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना, अनुशासन और निरंतर प्रयास को महत्व देने की सीख दी.
वहीं, भोलानाथ सिंह ने कहा कि आज दिखाई दे रहे सकारात्मक परिणाम शिक्षा विभाग के दूरदर्शी और सतत प्रयासों का प्रतिफल हैं. उन्होंने वर्ष 2022 के तत्कालीन शिक्षा सचिव के. रवि कुमार के योगदान को याद करते हुए कहा कि मजबूत नींव पर ही मजबूत भविष्य का निर्माण होता है.
झारखंड हॉकी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्रशासी पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेदी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन ए. सोरेंग एवं राज्य खेल कोषांग के सदस्यों ने खिलाड़ियों एवं आयोजन समिति को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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