Ranchi : 730 करोड़ जीएसटी घोटाला मामले में आरोपी अमित गुप्ता की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मांगी गई प्रोविजनल बेल पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने अमित गुप्ता की याचिका वापस लेने की अनुमति के आग्रह को देखते हुए अनुमति प्रदान करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी.
अमित गुप्ता ने अपने प्रोविजनल बेल में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा कि उनका इलाज रिम्स में सही ढंग से नहीं हो पा रहा है, उन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इलाज कराना है. लेकिन सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि निचली अदालत को रिम्स की ओर से बताया गया था कि उनके यहां अमित गुप्ता का इलाज करने की व्यवस्था है. ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
दरअसल, अमित गुप्ता का मामला शेल कंपनियों के नाम पर जीएसटी इंट्री कर 730 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े से जुड़ा है. मामले में ईडी ने ईसीआईआर दर्ज किया है. ईडी ने जीएसटी घोटाले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें जमशेदपुर के जुगसलाई का कारोबारी विक्की भालोटिया शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा, कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता आदि शामिल हैं.
क्या है मामला
शिव कुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता और अमित गुप्ता समेत आरोपियों पर लगभग 14,325 करोड़ के फर्जी चालान बनाने का आरोप है, जिसके परिणामस्वरूप 730 करोड़ से अधिक के अयोग्य दावे किए गए थे. इस तरह सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस मामले में जीएसटी इंटेलीजेंस ने पूर्व में कार्रवाई की थी. तब जीएसटी अधिकारी दिनेश सिंह के बयान पर केस दर्ज कर शिव कुमार देवड़ा, सुमित गुप्ता व अमित गुप्ता को जेल भेज दिया गया था. सुमित व अमित गुप्ता जमशेदपुर के रहने वाले हैं. दरअसल, ईडी को इससे जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं. जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, 90 से अधिक शेल कंपनियों के जरिए जीएसटी चोरी को अंजाम दिया गया था.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment