- वीरेंद्र राम के सहयोगी हैं नीरज मित्तल
Ranchi : पुलिस थाना में दर्ज मूल केस में आरोप पत्र दायर अबतक नहीं होने पर पीएमएलए के तहत दर्ज ECIR केस में सुनवाई स्थगित रखने का आग्रह करने वाली नीरज मित्तल की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. मामले में कोर्ट ने नीरज मित्तल की याचिका खारिज कर दी. पूर्व में कोर्ट में सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था.
मामले में प्रार्थी का कहना है कि पुलिस थाना में दर्ज उनके मूल केस जिसके तहत ED ने उनके खिलाफ ECIR दर्ज किया है उस मामले में अब तक आरोप पत्र पुलिस ने दाखिल नहीं किया है. ED के ECIR मामले से संबंधित केस में तेजी से चल रही है इसलिए ED में ट्रायल तेजी से चल रहा है, इसपर रोक लगाई जाए. ईडी की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
बता दें कि चीफ इंजीनियर रहे वीरेंद्र राम के सहयोगी नीरज मित्तल हैं. टेंडर कमीशन घोटाला मामले को लेकर ईडी ने सबसे पहले 21फरवरी 2023 को बड़ी कार्रवाई की थी. निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के रांची जमशेदपुर पटना और दिल्ली समेत कई ठिकाने पर छापेमारी की थी. छापेमारी के बाद वीरेंद्र राम समेत अन्य को ईडी ने गिरफ्तार किया था.
ईडी की दूसरी बड़ी कार्रवाई 6 और 7 मई 2024 को हुई थी. इसमें कई इंजीनियर कांट्रेक्टर ठेकेदार और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के OSD के ठिकाने पर ईडी ने छापेमारी की थी. OSD संजीव लाल के नौकर जहांगीर आलम के ठिकाने से 32.20 करोड़ कैश मिले थे. जिसके बाद जांच की आंच पूर्व मंत्री आलमगीर आलम तक जा पहुंचा था.
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