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यौन उत्पीड़न के आरोपी चैतन्यानंद के 8 करोड़ रुपए फ्रीज, कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका नामंजूर की

पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है.  दिल्ली पुलिस के अनुसार  वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जानकारी सामने आयी है कि चैतन्यानंद ने जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम की संपत्तियां निजी कंपनियों को किराये पर देकर संस्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली थी.
 

New Delhi :  महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के मामले में फरार स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के बैंक खातों में जमा 8 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिये गये हैं. यह राशि 18 बैंक खातों में 28 एफडी के रूप में जमा कराई गयी थी.

 

चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर एक और खबर है कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में उसकी ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका आज शुक्रवार को खारिज कर दी गयी है  पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी कर रही है.

 

चैतन्यानंद सरस्वती द्वारा संचालित प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट पहले से ही वित्तीय अनियमितताओं के लिए जांच के घेरे में हैं. अब उसपर संस्थान की छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं. जांच के दौरान पुलिस ने 32 छात्राओं के बयान दर्ज किये हैं, इनमें से 17 ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

 

चैतन्यानंद व्हाट्सएप और SMS के जरिए अश्लील मैसेज भेजा करता था. छात्राओं का यह आरोप भी है कि  संस्थान की कुछ कर्मचारी उन(छात्राओं) पर चैतन्यानंद की मांगें मानने का दबाव डालते थे. 

 

 पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है.  दिल्ली पुलिस के अनुसार  वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जानकारी सामने आयी है कि चैतन्यानंद ने जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम की संपत्तियां निजी कंपनियों को किराये पर देकर संस्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बना ली थी.

 
 

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