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बारिश की दोहरी मार: त्योहार की रौनक पर महंगाई का असर, सब्जियों के दामों में उतार-चढ़ाव

Ranchi News : चक्रवात अर्नब के कारण खुदरा बाजारों में काफी असर पड़ा है. किसानों के खेत में उपजी साग-सब्जी के दामों पर इसका असर देखा जा रहा है. वही त्यौहारों की तैयारी में भी फीका पड़ रहा है. काली पूजा और गोवर्धन पूजा को लेकर मूर्तिकार प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन चक्रवाती तूफान और बारिश के कारण काम की रफ्तार में धीमी हो गई है.
 
सिंबोलिक फोटो
  • 8 नवंबर को काली पूजा, 10 को गोवर्धन पूजा

Ranchi News : बारिश के कारण मूर्तिकारों और कुम्हारों को त्योहार की तैयारी में अतिरिक्त समय और खर्च करना पड़ रहा है. वहीं, सब्जियों की आवक और गुणवत्ता प्रभावित होने से बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव जारी है. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है.

 

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चक्रवात अर्नब के कारण खुदरा बाजारों में काफी असर पड़ा है. किसानों के खेत में उपजी साग-सब्जी के दामों पर इसका असर देखा जा रहा है. वही त्यौहारों की तैयारी में भी फीका पड़ रहा है. काली पूजा और गोवर्धन पूजा को लेकर मूर्तिकार प्रतिमाएं तैयार करने में जुटे हैं, लेकिन चक्रवाती तूफान और बारिश के कारण काम की रफ्तार में धीमी हो गई है. 

 

कुम्हारों के दीयों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है. दूसरी ओर सब्जी मंडी में बाहरी राज्यों से नया आलू की आवक प्रभावित हुई है. इसके कारण कीमतें बढ़ गई हैं. नया सफेद आलू 35-40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये किलो पहुंच गया है.

 

एआई डिजाइन से तैयार हो रहीं प्रतिमाएं

मूर्तिकार प्रियंका प्रजापति ने बताया कि 8 नवंबर को काली पूजा और 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी. इसे लेकर मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. इस बार प्रतिमाएं बनाने के लिए एआई जनरेटेड डिजाइन का सहारा लिया जा रहा है. इन डिजाइनों के आधार पर मूर्तिकार प्रतिमाओं को आकार दे रहे हैं.

 

प्रतिमा निर्माण के लिए कोलकाता, लोहरदगा, गुमला और कांके नदी से मिट्टी मंगाई जा रही है. मूर्तिकारों ने बताया कि मिट्टी खरीदने में करीब 7,500 रुपये और 20 किलो सूतली रस्सी खरीदने में 6,500 रुपए खर्च हो रहे हैं.

 

बारिश से प्रतिमा सुखाने में लग रहा समय

मूर्तिकारों ने बताया कि बारिश और नमी के कारण प्रतिमाओं को सुखाने में करीब एक सप्ताह लग रहा है. इससे काम प्रभावित हो रहा है. नदी किनारे से मिट्टी लाने में भी परेशानी हो रही है. नदी किनारे मिट्टी उठाने की अनुमति नहीं मिल रही है. ट्रैक्टर को भी शहर के अंदर जाने नहीं दिया जाता है.

 

वहीं, हरमू में बिचाली 12 रुपये किलो बिक रही है. बारिश का असर कुम्हारों के कारोबार पर भी पड़ा है. इस बार 100 दीयों की कीमत 150 रुपये हो गई है, जबकि पिछले साल 100 दीये 120 रुपये में मिलते थे. बारिश के कारण दीये तैयार करने और सुखाने में परेशानी हुई है. इसका असर कीमतों पर भी पड़ा है.

 

आलू 50 रुपये किलो, मेथी साग 100 रुपये में

सब्जी मंडी में भी बारिश का असर दिख रहा है. बाहरी राज्यों से आलू की आवक प्रभावित है. इसकी वजह से सफेद आलू की कीमत बढ़ गई है. पिछले दिनों खुदर नया आलू 35 से 40 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब खुदरा बाजार में 50 रुपये किलो मिल रहा है. वहीं, भिंडी 40 रुपये किलो, सेम 80 रुपये किलो और मेथी साग 100 रुपये किलो बिक रहा है. बारिश के कारण गोभी की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है.

 

कई जगह गोभी खराब होने और उस पर दाग लगने की शिकायत है. बाजार में गोभी 30 से 50 रुपये किलो बिक रही है. दूसरी ओर धनिया पत्ती के दाम में गिरावट दर्ज की गई है. पहले धनिया पत्ती खुदरा बाजार में करीब 200 रुपये किलो मिल रही थी, लेकिन चक्रवाती तूफान और बारिश के बाद इसकी कीमत में गिरावट आई है.

 

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