Ranchi News: स्क्रैप व्यापारी ज्ञान चंद जयसवाल और उसके बेटे राज जयसवाल ने GST घोटाले के मास्टरमाइंड शिवकुमार देवड़ा के साथ मिलकर 55 करोड़ रुपये का घोटाला किया. साथ ही 2000-3000 रुपये देकर कोलकाता के CA से फर्जी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल कराया. बाप-बेटे ने ITC का गलत लाभ लेने के लिए सात कागजी कंपनियों के साथ मास्टर माइंड शिव कुमार देवड़ा की कागजी कंपनियों से व्यापार दिखाया. इस व्यापार में सिर्फ कागजों का लेन देन हुआ. किसी भी कंपनी के बीच वास्तविक तौर पर सामग्रियों की खरीद बिक्री नहीं हुई.
ईडी ने जांच में पाया कि बाप-बेटे ने ITC का गलत लाभ लेने के लिए अपने कर्मचारियों के नाम पर बनी सात कंपनियों का इस्तेमाल किया. इन कंपनियों में मेसर्स जय भोले इंटरप्राइजेज, मेसर्स वाइब्रेंट स्क्रैप प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स एगलोमा व्यापार प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ब्लूय स्टील प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्सएंजीला सप्लायर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स गगनदीप आयरन प्राइवेट लिमिटेड, और असीम मेटल प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है.
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बाप-बेटे ने ITC का लाभ लेने के लिए घोटाले के मास्टर माइंड शिव कुमार देवड़ा की पांच कागजी कंपनियों के साथ फर्जी व्यापार किया. इन कंपनियों ने मेसर्स भूमि लाइट मेटल उद्योग, मेसर्स एक्सेला मेटल व्यापार प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स इनवाल मेटल इंटरप्राइजेज, मेसर्स एन मेटल प्राइवेट लिमिटेड और पावापुरी व्यापार प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है.
बाप-बेटे ने देवड़ा की कागजी कंपनियों के साथ व्यापार दिखाकर मेसर्स केदार नाथ ट्रेक्जिम के नाम पर 32 करोड़ रुपये और मेसर्स जय भोले इंटरप्राइजेज के नाम पर 23 करोड़ रुपये का गलत ITC का लाभ लिया.
जांच में पाया गया कि GST घोटाले में शामिल बाप-बेटे की कागजी कंपनियों का 3CB टैक्स ऑडिट रिपोर्ट कोलकाता का गौतम कुमार केसरी नाम का CA दाखिल करता था. वह बाप-बेटे की कागजी कंपनियों का दस्तावेज देखे बिना ही ऑडिट रिपोर्ट तैयार करता था. मामले में हुई पूछताछ के दौरान इस बात की पुष्टि हुई कि वह बिना दस्तावेज देखे ऑडिट रिपोर्ट बनाने के लिए दो-तीन हजार रुपये की दर से पैसा लेता था.
ज्ञान चंद जयसवाल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सरकारी सामान की चोरी के आरोप में न्यायालय में मुकदमा चल रहा है. वर्ष 2016 में जयसवाल की कंपनी मेकर्स कास्टिंग पर छापेमारी के दौरान 11.37 करोड़ रुपये के सेंट्रल एक्साइज की चोरी का मामला दर्ज किया गया था. इसके अलावा स्थानीय पुलिस ने उसके स्क्रैप गोदाम में छापा मारकर टेलीफन के खंभे, रेलवे का स्क्रैप जब्त किया था. इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. यह मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है.
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