Ranchi : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को पारस एचईसी हॉस्पिटल, धुर्वा में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने इसे झारखंड में आधुनिक और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से मरीजों को अधिक सटीक, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. रोबोटिक सर्जरी चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट उदाहरण है.
इससे जटिल सर्जरी में चिकित्सकों को अधिक सटीकता से कार्य करने में सहायता मिलती है और मरीजों को कम चीरा, कम पीड़ा और अपेक्षाकृत जल्दी रिकवरी जैसे लाभ मिल सकते हैं.
उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से झारखंड के मरीजों को उन्नत शल्य चिकित्सा सेवाएं राज्य में ही उपलब्ध हो सकेंगी. राज्यपाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए बताया कि करीब 20 वर्ष पहले एक दुर्घटना में उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी. उस समय अच्छे चिकित्सकों की सेवा मिलने के बाद वे उपचार के महज तीन दिन में चलने लगे थे. उन्होंने बताया कि आज भी उनके पैर में नौ बोल्ट लगे हुए हैं.
राज्यपाल ने कहा कि उनकी इच्छा है कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा वातावरण और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित हों, जिससे राज्य के लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े. बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता ऐसी हो कि देश के अन्य राज्यों से भी लोग इलाज के लिए झारखंड आएं.
उन्होंने कहा कि झारखंड को चिकित्सा के क्षेत्र में प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सभी संबंधित संस्थानों को मिलकर काम करना होगा. स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के विकास की भी राज्य में व्यापक संभावनाएं हैं.
राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सभी वर्गों के लिए सुलभ, किफायती और विश्वसनीय होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं. आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से गरीब और वंचित परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने का आह्वान किया.
राज्यपाल ने चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से आधुनिक तकनीक के साथ मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और सेवा-भाव को भी समान महत्व देने की अपील की. उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की महत्वपूर्ण सेवा है.
उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए केवल आधुनिक उपचार पर्याप्त नहीं है, बल्कि बीमारियों की रोकथाम पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है.
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