- मैं बूढ़ा नहीं हूं, युवाओं की भावनाएं समझता हूं
- आप भरोसा रखिए, न्याय होता हुआ दिखेगा
Ranchi : विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर रांची में आयोजित आदिवासी महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों और युवाओं के आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं को न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि हमने चोरी पकड़ ली है और नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उनको कठोर से कठोर दंड भी मिलेगा. उन्होंने युवाओं से भरोसा रखने की अपील की.
सीएम ने कहा कि सरकार राज्य के सवा तीन करोड़ लोगों की चिंता करती है. गांव और शहर में रहने वाले लोगों के साथ किसान, मजदूर, महिलाएं, पुरुष और युवाओं की समस्याओं को सरकार गंभीरता से देख रही है.
छात्रों से राजनीतिक दलों से दूर रहने की अपील
हेमंत सोरेन ने आंदोलन कर रहे युवाओं से कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल की छत्रछाया की जरूरत नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल और बड़े-बड़े लोग युवाओं को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी बात सीधे सरकार के सामने रखें.
उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सुनने के साथ-साथ घर बैठे युवाओं की समस्याओं को भी सुनने का प्रयास करेगी. मुख्यमंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके साथ पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय होगा और न्याय होता हुआ दिखाई भी देगा.
लाठी-गोली से नहीं, बातचीत से होगा समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि लाठी, गोली और डंडे से समस्याओं का समाधान नहीं होता. उनका इस्तेमाल सीमाओं पर दुश्मनों के खिलाफ किया जाता है. देश के अंदर अपने ही लोगों के साथ बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज दबाने के लिए डराने और बदनाम करने जैसे तरीके अपनाए जाते हैं. उन्होंने मीडिया, लाठी-डंडे, गोली और पायलट गन जैसे तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोगों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए.
असमानता पर भी बोले मुख्यमंत्री
हेमंत सोरेन ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी समाज में पूरी समानता नहीं आ पाई है. उन्होंने कहा कि गरीब और गरीब होता गया, जबकि अमीर और अमीर होता गया. इससे समाज और देश में तनाव बढ़ रहा है.
आदिवासी पहचान और अधिकारों की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी महोत्सव का उद्देश्य आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखना है. उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है. यहां के पूर्वजों ने देश की आजादी से पहले ही अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष किया था.
उन्होंने कहा कि झारखंड अभी 25 साल का युवा राज्य है और अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा है. राज्य की पहचान और यहां के लोगों के अधिकारों को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है.
मुख्यमंत्री ने छात्रों और युवाओं से कहा कि वे भरोसा रखें. उन्होंने कहा, मैं भी कोई बूढ़ा नहीं हूं. आपकी भावनाएं और आपकी चिंताएं हमारी चिंताएं हैं. उन्होंने दोहराया कि छात्रों के साथ न्याय होगा और सरकार उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए करने की कोशिश करेगी.
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