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मोहर तिलक व रामदास रविदास की 35वीं शहादत दिवस पर विशाल संकल्प रैली निकाली गई

Bokaro: दिल्ली के वोट क्लब मैदान में 1990 में आयोजित दाम बांधों काम दो रैली में शहीद मोहर तिलक और रामदास रविदास की 35वीं शहादत दिवस पर आज चलकरी में विशाल संकल्प रैली आयोजित की गई.

 

रैली पुरनाडीह से शुरू होकर मुख्य मार्ग होते हुए शहीद चौक पहुंची, जहां इसे संकल्प सभा में परिवर्तित किया गया. शहीदों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

 

रैली में शहीद मोहर तिलक और रामदास रविदास अमर रहें, संविधान और लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे, विस्थापित गांवों में बिजली-पानी उपलब्ध कराया जाए—जैसे जोरदार नारों के साथ प्रदर्शन किया गया.

 

संकल्प सभा की शुरुआत झारखंड सांस्कृतिक मंच के साथियों द्वारा प्रस्तुत जनगीत 'शहीदों ले लो लाल सलाम' से हुई. भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो ने कहा कि केंद्र सरकार अभिव्यक्ति के अधिकार पर हमला कर रही है और अच्छे दिन व अमृतकाल के झूठे वादे फेल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि देश आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक संकट में है और इसका जवाब देना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

 

माले राज्य स्थाई कमेटी के सदस्य भुवनेश्वर केवट ने कहा कि शहीदों की शहादत नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी. महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ दाम बांधों काम दो रैली सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सद्भाव की लड़ाई थी. उन्होंने केंद्र सरकार पर जीएसटी छूट के झूठे ढिंढोरे पीटने का आरोप लगाया और कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा.

 

संकल्प सभा की अध्यक्षता फुलेंद्र रविदास ने की, जबकि संचालन लोकल कमिटी के सचिव इंद्रदेव सिंह ने किया. सभा को पेटरवार प्रखंड सचिव पंचानन मंडल, बालेश्वर गोप, छात्र नेता राज केवट, दुर्गा सिंह, माधो प्रसाद मंडल, दुख्तर अंसारी, चुना तुरी, बैजनाथ सिंह, शिला देवी, भूषण केवट, शहीद स्मारक समिति के अध्यक्ष राजेश रविदास, सईद अंसारी, रेहाना बीबी, लखन नायक और कामेश्वर गिरी समेत कई नेताओं ने संबोधित किया.

 

संकल्प सभा में शहीदों के परिजनों के अलावा सैकड़ों ग्रामीण, पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. सभा में 7 सूत्री राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें शामिल हैं-

  • सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुंग को बिना शर्त रिहा करना
  • आदिवासी सूची में शामिल करना
  • मणिपुर जैसी स्थिति से झारखंड को बचाने की अपील
  • डीआरडी प्रोजेक्ट से प्रभावित गांवों में सीसीएल द्वारा बिजली-पानी की व्यवस्था
  • राज्य में बंद गैरमजरुआ भूमि का रशीद निर्गत करना
  • आउटसोर्सिंग और निजी कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए 75% नियोजन की गारंटी
  • झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारियों के लिए प्रशस्ति पत्र, सम्मान पेंशन, नियोजन और 10 लाख का गुरुजी मेडिकल कार्ड

संकल्प सभा ने राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया और गरीबों, मजदूरों और विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संदेश दिया.

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