- बैंकों में पांच दिवसीय वर्किग डे की मांग
- चेक क्लीयरेंस, लोन और कैश ट्रांजैक्शन जैसी सेवाएं प्रभावित होगी
Ranchi : गुरूवार को बरियातु में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के प्रतिनिधियों प्रकाश उरांव, शशिकांत भारती, दिनेश कुमार, कुणाल कुमार, एमएल सिंह और दिनेश कुमार शर्मा ने संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया.
इस दौरान प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत सरकार से बैंक कर्मी बैंको में पांच दिवसीय वर्किंग डे की मांग कर रहे है. लेकिन भारत सरकार पूरा नहीं कर रही है और मांग को लगातार टालमटोल कर रही है.
केंद्र सरकार की वादाखिलाफी के कारण 27 जनवरी 2026 को देशभर में आंदोलन किया जाएगा. अखिल भारतीय बैंक हड़ताल की जाएगी. इसमें सार्वजनिक, निजी, विदेशी, ग्रामीण और सहकारी बैंकों के लगभग 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे. हड़ताल के कारण चेक क्लीयरेंस रुक जाएगी. लोन और कैश ट्रांजैक्शन जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी.
5 दिन काम पर सहमति, फिर भी फाइलों में कैद फैसला
प्रतिनिधियों ने बताया कि बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय सप्ताह लागू करने पर सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) पहले ही सहमत हो चुके हैं. इसके लिए 2015 में द्विपक्षीय समझौते हुआ था. 7 दिसंबर 2023 को एमओयू हुआ.
8 मार्च 2024 के संयुक्त नोट में आईबीए द्वारा अनुशासित किया गया. इन सभी दस्तावेजों में शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने और सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय बढ़ाने पर सहमति दर्ज है. इसके बावजूद सरकार ने अब तक इसे लागू नहीं किया.
सरकार पिछले दो वर्षों से फाइल दबाकर बैठी है- प्रकाश उरांव
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस राज्य सचिव प्रकाश उरांव ने कहा कि सरकार पिछले दो वर्षों से फाइल दबाकर बैठी है. मार्च 2025 में दो दिवसीय हड़ताल सरकार के आश्वासन पर स्थगित की गई थी, लेकिन आश्वासन के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया.
बैंक यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि दूसरे और चौथे शनिवार पहले से अवकाश हैं. सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय बढ़ाने से ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन सेवाएं पहले से उपलब्ध हैं.
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