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झारखंड में भू-विरासत की सुरक्षा के लिए बनेगा नया कानून

  • भू-विरासत को क्षति पहुंचाने पर 50 हजार से पांच लाख तक के जुर्माना का है प्रावधान

Ranchi : राज्य में जीवाश्मों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए झारखंड भू-विरासत (जीवाश्म) विधेयक, 2026 को विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जा सकता है.

 

यह विधेयक झारखंड में भू-विरासत स्थलों, भू-अवशेषों (विशेषकर काष्ठ जीवाश्मों) तथा संबंधित भू-वैज्ञानिक संरचनाओं की पहचान, संरक्षण, सुरक्षा, प्रबंधन, अध्ययन और संवर्धन के लिए, तथा राज्य के भू-वैज्ञानिक, शैक्षणिक, पर्यावरणीय और पर्यटन हितों के संरक्षित विकास हेतु प्रस्तावित है.
 

जुर्माना का भी है प्रावधान

किसी भी भू-विरासत (जीवाश्म) एवं विरासत स्थल (सरकारी, गैर मजरूवा अथवा रैयती भूमि) को क्षति पहुंचाने, अवैध रूप से खोदने, हटाने, नष्ट करने पर दंड प्रस्तावित होगा.

 

दंड निर्धारण की शक्ति भू-विरासत संरक्षण समिति में निहित होगी, जिसके प्रमुख संबंधित स्थानीय अनुमंडल पदाधिकारी होंगे. इसके तहत 50 हजार से पांच लाख तक जुर्माना या छह महीने तक की कारावास की सजा हो सकती है.

 

नियमों का निरंतर उल्लंघन पर प्रतिदिन 50 हजार रुपए अतिरिक्त जर्माना का प्रावधान किया गया है. वहीं, दंडात्मक आदेश के विरुद्ध विशिष्ट अपीलीय प्राधिकरण के पास अधिकतम 60 दिन के भीतर अपील दायर की जा सकेगी.

 

क्या है इस विधेयक में?

•    भू-विरासत स्थलों की पहचान, सूची और घोषणा

•    जीवाश्मों का अधिग्रहण, नियंत्रण और प्रतिबंध

•    संरक्षण और प्रबंधन के लिए वित्तीय व्यवस्था

•    अनुसंधान, शिक्षा और स्थानीय भागीदारी

•    उल्लंघन, दंड और अपील

 

भू-विरासत स्थलों की पहचान और घोषणा

•    राज्य सरकार भू-विरासत में महत्वपूर्ण स्थलों का सर्वेक्षण कराएगी और सूची बनाएगी

•    सार्वजनिक परामर्श और ग्राम सभा के अनुमोदन के पश्चात सूची में सम्मिलित प्रत्येक स्थल को राज्य भू-विरासत (जीवाश्म) स्थल घोषित किया जाएगा

•    सरकारी राजपत्र / अधिसूचना के माध्यम से स्थल की सीमाएं, मानचित्र, और सुरक्षा उपाय स्पष्ट होंगे

 

अधिग्रहण, नियंत्रण और प्रतिबंध

•    जीवाश्मों को नष्ट होने से बचाने और संरक्षण के लिए आवश्यकतानुसार स्थानीय प्रशासन / राज्य सरकार द्वारा चिन्हित भू-विरासत (जीवाश्म) स्थल को अधिग्रहण किया जाएगा

•    भू-विरासत स्थल के आसपास क्षेत्र को राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित / प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा

 

संरक्षण और प्रबंधन

•    भू-विरासत स्थलों की सुरक्षा अधिग्रहित स्थल के भीतर निर्माण, नवीकरण, खुदाई या अन्य किसी मानवीय गतिविधि प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निर्धारित निर्देशों के बिना प्रतिबंधित होंगी

•    प्राधिकृत अधिकारी द्वारा स्थल की नियमित निगरानी की जाएगी

•    जीवाश्मों और भू-अवशेषों को तत्काल संग्रहालय, विज्ञान केंद्र या राज्य संग्रहालय / प्राधिकृत संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा

 

अनुसंधान, शिक्षा और स्थानीय भागीदारी

•    राज्य सरकार संबंधित निकायों, शैक्षणिक संस्थाओं और वैज्ञानिक समुदाय के साथ मिलकर अध्ययन, शोध, जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम चलाएगी.

•    स्थानीय सरकारी विद्यालयों/ निजी विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और शोध केंद्रों को भू-विरासत (जीवाश्म) कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने और छात्र अन्वेषण परियोजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

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