Search

 
 
 

40 दिनों तक उपवास व आत्मचिंतन का दौर, शादियां भी रहेंगी स्थगित

ईसाई समुदाय के लिए आध्यात्मिक आत्मचिंतन, प्रार्थना और संयम का पर्व 18 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. इस दौरान जीईएल चर्च, सीएनआई चर्च और रोमन कैथोलिक चर्चों में उत्सव, मनोरंजन और सामाजिक आयोजनों पर रोक रहेगी
 

Ranchi : ईसाई समुदाय के लिए आध्यात्मिक आत्मचिंतन, प्रार्थना और संयम का पर्व 18 फरवरी से शुरू होने जा रहा है. इस दौरान जीईएल चर्च, सीएनआई चर्च और रोमन कैथोलिक चर्चों में उत्सव, मनोरंजन और सामाजिक आयोजनों पर रोक रहेगी.इस दौरान ढोल-नगाड़ा और मांदर की थाप थम जाएगी. वहीं परिसरों में केवल प्रार्थना, उपवास और आध्यात्मिक संदेश सुनाई देगी.


यह 40 दिनों तक आध्यात्मिक काल होगी.जो यीशु मसीह के उस उपवास की स्मृति में मनाया जाता है, जब उन्होंने 40 दिनों तक तपस्या की थी.इसी से जुड़ी शिक्षाएं चर्च की वेदी से विश्वासियों को सुनाई जाएंगी. इस अवधि में 18 फरवरी से 5 अप्रैल तक शादी-विवाह जैसे कार्य नही होगें.

 

बुधवार और शुक्रवार को विशेष उपवास

 

इस दौरान ईसाई समुदाय के विश्वासी विशेष रूप से बुधवार और शुक्रवार को उपवास रखेंगे.उपवास से बचने वाली राशि को जरूरतमंद और गरीब लोगों की सहायता में खर्च किया जाएगा.इस आध्यात्मिक काल की शुरुआत भस्म बुधवार से होगी.

 

खजूर के पत्तों को जलाकर बनी भस्म को विश्वासियों के माथे पर लगाया जाएगा, जो पश्चाताप और आत्मशुद्धि का प्रतीक है.बुराइयों से दूर रहने, संयम अपनाने की संदेश दी जाएगी.धर्मग्रंथ व बाइबल की शिक्षाओं पर विशेष ध्यान दिए जायेगें.सुबह से शाम तक प्रार्थना होगी. विनती और प्रवचन का सिलसिला जारी होगी.विश्वासी प्रभु के वचन में लीन रहेंगे

 

 

 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही