Palamu News: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) में कुलपति दिनेश सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए उच्च शिक्षा विभाग की टीम पहुंच गयी है. जांच टीम के अध्यक्ष उच्च शिक्षा विभाग के अपर सचिव राजीव कुमा गुप्ता को बनाया गया है.
उल्लेखनीय है कि VC दिनेश सिंह पर लगे गंभीर वित्तीय आरोपों की जांच के लिए राज्यपाल के आदेश के आलोक में स्पेशल ऑडिट कराया गया था. स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में हुई वित्तीय गड़बड़ी के अलावा कुलपति के कार्यकाल में हुई गड़बड़ी का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा कुलपित द्वारा नियमों परिनियों के उल्लंघन करने का उल्लेख है. स्पेशल ऑडिट के दौरान राज्यपाल के आदेश के आलोक में नियुक्त परीक्षा नियंत्रक को हटाकर अपनी मर्जी से अजीत कुमार सेठ के परीक्षा नियंत्रक बनाये जाने और बिना काम के भुगतान करने का उल्लेख है.
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स्पेशल ऑडिट में पायी गयी गड़बड़ी को देखते हुए राज्यपाल ने कुलपति दिनेश सिंह की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां जब्त कर ली हैं. साथ ही उन्हें बर्खास्त करने का प्रस्ताव सहमति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा है. स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट के बाद कुलपति पर कार्रवाई होने की देर की वजह से वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने उच्च शिक्षा मंत्री को कुलपति के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए लिखा था. लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करने के बदले एक विभाग के अपर सचिव की अध्यक्षा में एक दूसरी जांच समिति गठित कर दी.
कुलपति की बर्खास्तगी का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कुलपति के पक्ष में मैदान में उतरा. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मैदान में कूदने की विश्वविद्यालय के वर्तमान परीक्षा नियंत्रक का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का पदाधिकारी होना बताया जाता है. अजीत सेठ पलामू जिला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर अध्यक्ष हैं. कुलपति दिनेश सिंह ने इन्हें राज्यपाल की सहमति के बाद नियुक्त परीक्षा नियंत्रक को वक्त से पहले हटाकर अजीत सेठ को परीक्षा नियंत्रक के पद पर पदस्थापित कर दिया.
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