Lagatar Desk : चौमूं हिंसा (जयपुर, राजस्थान) के एक सप्ताह बाद स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. नगर परिषद की टीम ने इमाम चौक इलाके में बने अवैध निर्माणों को बुलडोजर की मदद से हटाया.
बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन ने उन कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया, जिन्होंने प्रशासन से नोटिस मिलने के बाद भी अवैध निर्माण नहीं हटाया था. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं.
इस संबंध में चौमूं नगर परिषद के हेल्थ इंस्पेक्टर संदीप सिंह कविया ने बताया कि तीन दिन पहले सड़क पर अतिक्रमण करने वाले करीब 20 से 22 लोगों को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे. तय समय सीमा समाप्त होने के बाद अब नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है.
#WATCH | Sandeep Singh Kaviya, Health Inspector, Chomu Municipal Council, says, "Three days ago, we issued notices to 20-22 people who had encroached on the road, instructing them to remove the encroachments. Upon the expiry of the deadline, we are now taking action to remove… https://t.co/I4XK52ojCr pic.twitter.com/GKmXqkReZ9
— ANI (@ANI) January 2, 2026
रेलिंग लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
गौरतलब है कि बीते दिनों मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया. जानकारी के अनुसार, हिंसा से पहले पुलिस और समुदाय के लोगों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें पत्थर हटाने पर सहमति बनी थी.
लेकिन पत्थर हटाए जाने के तुरंत बाद मस्जिद के बाहर रेलिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया. जब पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की, तो समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसमें 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े, जिससे हालात और बिगड़ गए. जिसके बाद प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं. साथ ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई.
नोटिस चस्पा पर 31 से पहले मांगा गया था जवाब
हिंसा के बाद प्रशासन ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए 24 लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर तीन दिन में जवाब मांगा था. नोटिस की अवधि 31 दिसंबर को पूरी होने के बाद नगर परिषद की टीम ने चौमूं की इमाम चौक इलाके में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर रही है.
प्रशासन का कहना है कि नोटिस का न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिसके चलते बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. पूरे मामले में अब तक करीब 110 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से 19 की गिरफ्तारी हो चुकी है. पूछताछ के दौरान 15 अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं.
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