National News : आधार कार्ड के जनक कहे जानेवाले नंदन नीलेकणि सुर्खियों में है. हैरतअंगेज खबर है कि वे और उनका परिवार एसआईआर (SIR) में फंस गये हैं. इंफोसिस के को फाउंडर नंदन नीलेकणि और उनके परिवार का नाम कर्नाटक की SIR विसंगति सूची में शामिल है.
खबरों के अनुसार 2002 की वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं पाये जाने के कारण उन्हें नोटिस मिलने की संभावना जताई गयी है.जानकारी के अनुसार फाइनल लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए उन्हें जरूरी दस्तावेज मुहैया कराने होंगे.
SIR की विसंगति सूची में 71 साल के नंदन नीलेकणि, उनकी पत्नी रोहिणी (67 साल) और उनकी 38 साल की बेटी जान्हवी और 36 साल निहार का नाम शामिल शामिल हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इन सभी के नाम के सामने Unmapped with last SIR दर्ज है. यानी 2002 की मतदाता सूची में इनके नाम नहीं पाये गये हैं
अहम खबर यह है कि नंदन नीलेकणि परिवार का नाम BTM लेआउट निर्वाचन क्षेत्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है. श्री नीलकेणि के परिवार का बूथ कोरमंगला के थर्ड ब्लॉक में रेड्डी जनसंघ हाई स्कूल में हैं. फाइनल वोटर लिस्ट 27अक्टूबर को जारी होगी.
बताया जाता है कि अब उन्हें योग्यता साबित करने के लिए उन्हें चुनाव आयोग द्वारा स्वीकार किये जाने वाले 11 डॉक्यूमेंट्स में से कोई एक डॉक्यूमेंट जमा करना होगा.
नंदन नीलेकणि ने 2014 में बैंगलोर साउथ से लोकसभा चुनाव लड़ा था. भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने उन्हें 2.28 लाख वोटों से हराया था नीलेकणि यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के संस्थापक अध्यक्ष रह चुके हैं.
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