Ranchi : झारखंड में JPSC और JSSC घोटाले की जांच के बीच अभय कुमार तिवारी से जुड़े कथित कारोबारी नेटवर्क को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार अभय तिवारी ने अपनी कमाई को अलग-अलग कारोबार में अलग-अलग लोगों के साथ मिलकर निवेश किया गया है. 5.80 करोड़ की कथित वसूली से लेकर मार्ट, शराब दुकान, होटल, मैनपावर कंपनी और जमीन सौदे की जांच की जा रही है.
एक कारोबारी आशीष के जरिये उसने शराब और जमीन का कारोबार में निवेश किया है. उसका भाई पुलिस विभाग में है और एक आईपीएस के बॉडीगार्ड का भाई है. अपने कारोबार को सफल बनाने के लिए बॉडीगार्ड भाई का रौब दिखाने की बात भी सामने आयी है.
इसे भी पढ़ें...
दो मार्ट में अभय तिवारी का पैसा होने का दावा
जमशेदपुर में दो मार्केट का संचालन किया जा रहा है. इसे बॉडीगार्ड का भाई जरूर चला रहा है, लेकिन पैसा अभय तिवारी का ही लगा है. लातेहार जिले की दो शराब दुकानों में भी अभय तिवारी व उसके करीबियों का पैसा लगे होने की जानकारी जांच एजेंसी को मिली है.
यह भी जानकारी मिली है कि अभय तिवारी से जुड़े लोगों ने गाड़ियां खरीद कर राज्य के अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों के पास मासिक किराये पर लगाया है. हालांकि वाहन किसके नाम पर हैं और भुगतान किसके खाते में किया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
बड़े जमीन सौदे का भी जिक्र
जांच एजेंसियों को जो दस्तावेज मिले हैं, उनमें अभय तिवारी से जुड़े एक कारोबारी द्वारा जमीन का सौदा करने का भी जिक्र है. दावा किया गया है कि जमीन की डील फाइनल की गई थी और आगे वहां बड़े कॉलेज या संस्थान खोलने की तैयारी थी.
5.80 करोड़ की कथित वसूली का खुलासा
JPSC मामले की जांच के दौरान अभय तिवारी ने CID के सामने FRO और ACF की बहाली में कथित तौर पर 20 अभ्यर्थियों से करीब 5 करोड़ 80 लाख रुपये की वसूली की बात बताई है. बताया गया कि FRO के एक पद के लिए 20 से 25 लाख रुपये और ACF के लिए 30 से 35 लाख रुपये तक की कथित डील हुई थी.
अभय और उसके सहयोगियों ने FRO के 12 और ACF के 8 अभ्यर्थी लगाए थे. इनमें 19 अभ्यर्थियों के पास होने और एक के फेल होने की बात सामने आई है. दो ऐसे अभ्यर्थियों का भी जिक्र है, जो खुद उम्मीदवार होने के साथ कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े थे.
इंटरव्यू में नंबर बढ़वाने का भी आरोप
अभय के कथित बयान के अनुसार, नामकुम के आदित्य पांडेय ने एल ख्यांग्ते, अजीता भट्टाचार्य, उनके पीए ब्रजराम, जमाल अहमद, अनिमा हांसदा और TDPL के निदेशक रामवीर सिंह से संपर्क कर सात अभ्यर्थियों के इंटरव्यू के नंबर बढ़वाने की बात कही थी. इसके एवज में लाखों रुपये लिए जाने का दावा है. वहीं CDPO परीक्षा में भी प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये लेने की बात सामने आई है.
10 लाख से होटल, फिर मैनपावर कंपनी का खेल
अभय ने अपने पार्टनर उमेश कुमार के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की पूंजी से होटल कारोबार शुरू किया. इसके लिए सुधीर प्रसाद नाम के व्यक्ति को 5 लाख रुपये देने की बात सामने आई है. होटल का नाम Sweet & Spice बताया गया है. दोनों ने स्टेशन रोड स्थित प्रकाश रेसिडेंसी होटल भी लिया था.
इसके बाद अभय ने JSR एजेंसी नाम की कंपनी खोली, जो मैनपावर सप्लाई का काम करती थी. इसी कंपनी के संचालन के दौरान दिल्ली के शैंटी और कोडरमा के लालू के जरिए TDPL के संचालक सतपाल सिंह और रामवीर सिंह से डील कराने की बात सामने आई. TDPL का काम देखने के एवज में अभय को 10 प्रतिशत कमीशन मिलने का दावा है.
JSSC JE पेपर लीक में भी मुंबई से गिरफ्तारी
इधर JSSC की अभियंता बहाली परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने मुंबई से अरुण शर्मा को गिरफ्तार किया है. अरुण परीक्षा आयोजन और डेटा मैनेजमेंट से जुड़ी एजेंसी बिनसिस का संचालक सह निदेशक बताया जा रहा है.
अरुण की कथित संलिप्तता JPSC JSSC परीक्षा में अनियमितता से जुड़े मामले में भी सामने आई है. ऐसे में CID उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की. अरुण मूल रूप से बिहार के नालंदा का रहने वाला बताया गया है और मुंबई में छिपकर रह रहा था.


