Ranchi : नवीन केडिया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ACB उसे छत्तीसगढ़ डिसटिलरी का निदेशक साबित करने में असफल रही. इसलिए न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने 30 अप्रैल 2026 को नवीन केडिया को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.
शराब घोटाले की जांच के दौरान ACB ने नवीन केडिया को गिरफ्तार किया था. ACB ने केडिया पर यह आरोप लगाया था कि वह छत्तीसगढ़ डिसटिलरी के निदेशक हैं.
झारखंड में थोक शराब की बिक्री का काम ओम साईंं बिवरेजेज को मिला था. ओम साईं द्वारा झारखंड में रद्दी किस्म की शराब की आपूर्ति की गयी. ओम साईं बिवरेजेज को छत्तीसगढ़ डिसटिलरी द्वारा शराब की आपूर्ति की जाती थी.
नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिसटिलरी के निदेशक हैं, इसलिए वह भी इस मामले में दोषी है.
मामले की सुनवाई के दौरान नवीन केडिया की ओर से यह कहा गया कि वह बहुत कम समय के लिए छत्तीसगढ़ डिसटिलरी के निदेशक थे. वह 2 नवंबर 2009 से 10 मई 2010 तक छत्तीसगढ़ डिसटिलरी के निदेशक रहे.
इसके बाद दूसरी बार 20 नवंबर 2024 से 4 मार्च 2025 तक इस कंपनी के निदेशक रहे. लेकिन ACB ने वर्ष 2022 में ओम साईं बिवरेजेज के साथ मिलकर झारखंड में रद्दी किस्म की शराब की आपूर्ति का आरोप लगाया है.
ACB द्वरा लगाया गया यह आरोप सही नहीं है. मामले की सुनवाई के दौरान ACB, केडिया पर लगाये गये आरोपों को साबित नहीं कर सकी.
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