Ranchi : अदालत ने लापरवाही से हुई दुर्घटना में मौत से संबंधित एक मामले में अहम फैसला दिया है. अदालत ने कहा कि केवल दुर्घटना होने से लापरवाही सिद्ध नहीं होती. अदालत ने स्पष्ट किया है कि अभियोजन पक्ष कोर्ट में यह साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा कि दुर्घटना के समय फायर ब्रिगेड की गाड़ी आरोपी ही चला रहा था. अभियोजन की ओर से पेश किए गए सभी पांच गवाहों में से कोई भी चश्मदीद नहीं था.
मामले के अनुसंधानकर्ता जांच ने भी दुर्घटनास्थल का कोई वैज्ञानिक विश्लेषण या स्वतंत्र गवाहों का बयान दर्ज नहीं किया था. इन्हीं तथ्यों के मद्देनजर अदालत ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी से लापरवाही में कार को धक्का लगने से मौत मामले के आरोपी चालक गौतम कुमार को अदालत ने बरी कर दिया. न्यायिक दंडाधिकारी राजेश रंजन कुमार की अदालत ने उसे संदेह का लाभ दिया. गौतम कुमार इस मामले में ट्रायल फेस कर रहा था.
यहां बता दें कि अभियोजन पक्ष अदालत में यह साबित नहीं कर पाया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी से दुर्घटना के समय गौतम कुमार ही चला रहा था. दरअसल, यह मामला खेलगांव थाना क्षेत्र के होटवार जेल रोड पर 25 अप्रैल 2021 का था.
एक बैलेनो कार और फायर ब्रिगेड की गाड़ी के बीच भीषण टक्कर हुई थी. इसमें कार सवार सुनील कुमार की रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. जबकि दूसरा युवक सफातुल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गया था.
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