Ranchi: महालेखाकार (AG) ने ग्रामीण कार्य विभाग (REO) में निर्माण कार्यों के दौरान शर्तों का उल्लंघन करने पर आपत्ति की है. विभाग ने महालेखाकार की आपत्तियों पर विचार करने के लिए एक समिति का गठन किया है. समिति इस बात की भी समीक्षा करेगी कि महालेखाकार ने जिन शर्तों के उल्लंघन पर आपत्ति की है, वे शर्तें प्रासांगिक हैं या नहीं. समीक्षा के दौरान शर्तों के प्रासांगिक नहीं पाये जाने पर उसे समाप्त करने पर विचार करेगी.
शर्तों के उल्लंघन के सिलसिले में महालेखाकार की ओर से भेजे गय पत्र में कहा गया है कि ठेकेदारों द्वारा Standard Bid Document (SBD) की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है. संबंधित इंजीनियरों द्वारा ठेकेदारों से SBD की शर्तों का अनुपालन नहीं करवाया जा रहा है. महालेखाकार ने नियमों के उल्लंघन से संबंधित अपनी रिपोर्ट पर विभाग का पक्ष जानना चाहा है.
महालेखाकर द्वारा उठायी गयी आपत्तियों की समीक्षा के लिए विभाग ने एक समिति का गठन किया गया है. समिति ग्रामीण विकास. विशेष प्रमंडल के मुख्य अभियंता, राज्य गुणवत्त संयोजक, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य गुमला, कार्यपालक अभियंता चक्रधरपुर को सदस्या बनाया गया है. साथ ही बिल्डर एसोसिएशन के नामित प्रतिनिधि को भी समिति में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.
इस सिलसिले में विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि महालेखाकार ने ठेकेदारों द्वारा शर्तों का पालन नहीं करने और इंजीनियरों द्वारा शर्तों का अनुपान नहीं कराने की जानकारी दी है. इसलिए समिति महालेखाकार की आपत्तियों की समीक्षा करेगी. साथ ही इस बात की भी समीक्षा करेगी कि SBD/F2 की कौन-कौन सी शर्तें वर्तमान परिस्थितियों में प्रासांगिक नहीं है. समिति किसी शर्तों के अप्रासांगिक होने की स्थिति में उस शर्त या नियम को समाप्त करने की अनुशंसा करेगी. इसके अलावा संबंधित शर्तों में अगर किसी तरह के बदलाव की जरूरत होने पर उसमें बदलाव की अनुशंसा करेगी.
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