Lagatar Desk: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मार्च में शामिल दो सरकारी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है. कर्नाटक के यादगीर में संघ के पथ संचालन में सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक अन्ना साहेब देशमुख और गरुराज जोशी शामिल हुए थे.
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अन्ना साहेब कुप्पी के सरकारी लोअर प्राइमरी स्कूल में पढ़ाते हैं, जबकि गुरुराज जोशी हुंसगी के सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल में शिक्षक हैं. दोनों पर अलगा-अलग जगह हुए संघ के मार्च में शामिल होने का आरोप है. इसी मामले में विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है.
विभाग का इस मामले में कहना है कि शिक्षकों पर सिविल सर्विस नियमों का उल्लंघन करने आरोप है. शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच हुई, फिर दोनों को सस्पेंड किया गया.
मामले की जांच में सामने आया कि अन्ना साहेब देशमुख पिछले साल 10 अक्टूबर को हुंसगी में निकाले गए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पथ संचालन में शामिल हुए थे. वहीं दूसरे शिक्षक गुरुराज जोशी पर 12 अक्टूबर को विजयपुरा जिले के तालिकोटे में आयोजित ऐसे ही कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आरोप लगा था.
शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के इस कदम को सीधे तौर पर कर्नाटक सिविल सेवा आचरण नियमों की अनदेखी माना और तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश थमा दिया.
संघ के पथ संचालन में शिक्षकों के शामिल होने का मामला तब तूल पकड़ा जब अंबेडकर स्वाभिमानी सेना के यादगीर जिला अध्यक्ष जुम्मन्ना गुडिमानी ने इसकी लिखित शिकायत ग्रामीण विकास, पंचायत राज एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (और कलबुर्गी जिले के प्रभारी मंत्री) प्रियांक खर्गे से की थी. उन्होंने दोनों पर सरकारी पद की गरिमा औ तय नियमों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था.
शिकायत दर्ज होते ही विभाग ने अंदरूनी जांच शुरू कर दी, जिसमें दोनों शिक्षकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई और इसके तुरंत बाद उन दोनों के सस्पेंशन की कार्रवाई की गई.
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