Patna News: प्रेशर हार्न वाले वाहनों के खिलाफ प्रशासन सख्ती के मूड में है. परिवहन विभाग विभाग के निर्देश पर राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा. इस दौरान निजी वाहनों के साथ स्कूली वाहनों की भी सघन जांच की जाएगा. इस दौरान प्रेशर हॉर्न या मल्टी-ट्यून्ड हार्न लगे वाहनों पर कार्रवाई होगी, साथ ही ऐसे व्यवसायिक प्रतिष्ठान जो इस तरह के हॉर्न बेचते हैं, उनपर धावा दल कार्रवाई करेगा.
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प्रेशर हार्न और मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर धावा दल के माध्यम से छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी. छापेमारी में ऐसे हॉर्न मिलते हैं तो उन्हें जब्त किया जाएगा और उस प्रतिष्ठान पर नियम संगत कार्रवाई होगी.
विभाग ने अभियान चलाने के लिए सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया है. इसके साथ ही सभी नगर आयुक्तों को पत्र भेजकर नगर निगम के वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न हटाने को कहा गया है. विभागीय स्तर जांच और कार्रवाई की निगरानी की जाएगी.
परिवहन विभाग के मुताबिक, मानक से अधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न और हाई फ्रीक्वेंसी वाले मल्टी-ट्यून्ड हॉर्न (तेज और कर्कश आवाज वाले हॉर्न) का इस्तेमाल मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत दंडनीय है. जांच के दौरान ऐसे हॉर्न लगे मिलने पर संबंधित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अभियान का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है.
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