- कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने पर जताई नाराजगी
Ranchi : एड-हॉक कमेटी के सदस्य आपसी मतभेद छोड़कर नेतरहाट आवासीय विद्यालय की गरिमा और प्रतिष्ठा बहाल करने के लिए मिलकर काम करेंगे, इस पर झारखंड हाईकोर्ट ने भरोसा जताया है.
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कड़ी नाराजगी जताई कि कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की दिशा में अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं.
खंडपीठ ने दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर पूरक शपथ पत्र /दस्तावेज दाखिल करने की अनुमति दी है. सभी पक्षों के जवाब दाखिल होने के बाद याचिका के अंतिम निष्पादन की तिथि तय की जाएगी.
मामले की अगली सुनवाई 02 अप्रैल 2026 को होगी. कोर्ट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय के पुराने गौरव को वापस लाने को लेकर दायर केदार नाथ लालदास की जनहित याचिका पर सुनवाई की.
SC ने HC के आदेशों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया
इससे पहले सुनवाई के दौरान खंडपीठ को बताया गया कि हाई कोर्ट के 11.12.2025 और 06.01.2026 के आदेशों के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP) सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी हैं और हाईकोर्ट के आदेशों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है.
प्राचार्य को कड़ा निर्देश
खंडपीठ ने कहा कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्राचार्य, जो एड-हॉक कमेटी के सदस्य हैं, को कमेटी के कार्यों में पूर्ण सहयोग देना होगा. कमेटी को अदालत के 11.12.2025 के आदेश के पैरा-13 के तहत सौंपे गए कार्यों को पूरा करना है. अगली बैठक में प्राचार्य की नियुक्ति से जुड़े आरोपों की जांच नहीं की जाएगी, क्योंकि वे स्वयं कमेटी के सदस्य हैं. बाद में वे स्वयं को अलग कर सकते हैं.
अफसरों की गैरहाजिरी पर जताई नाराजगी
खंडपीठ ने अब्जॉर्ब किया कि मानव संसाधन विकास विभाग के प्रधान सचिव, वित्त विभाग के सचिव तथा पूर्व शिक्षक राजेश कुमार राय पिछली बैठक में शामिल नहीं हुए. अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि कोर्ट द्वारा गठित कमेटी है तो सदस्य अपने प्रतिनिधि नहीं भेज सकते. स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है.
एड-हॉक कमेटी की बैठक 14 मार्च को
खंडपीठ ने निर्देश दिया कि एड-हॉक कमेटी की अगली बैठक 14 मार्च 2026, सुबह 11 बजे नेतरहाट विद्यालय समिति, कैंप ऑफिस, प्रोजेक्ट बिल्डिंग, रांची में होगी. प्राचार्य सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहें.
सभापति प्रो. अशोक कुमार सिन्हा 27.02.2026 तक आवश्यक दस्तावेजों की सूची प्राचार्य को उपलब्ध कराएं. बैठक की वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति दी गई है.
सभापति को 20.03.2026 तक बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) के साथ शपथ पत्र के माध्यम से दाखिल करने का निर्देश दिया गया है. खंडपीठ ने याचिकाकर्ता तथा नेतरहाट ओल्ड बॉयज एसोसिएशन (NOBA) के प्रतिनिधि को बैठक में उपस्थित रहने की अनुमति दी है, लेकिन वे बैठक की कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. अपनी बात वे केवल सभापति के माध्यम से रख सकेंगे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment