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आदित्यपुर : खबर का असर : तालाब भर कर रात बिल्डिंग निर्माण का सीओ ने बनवाया वीडियो, काम बंद कराया

निर्माण स्थल पर शिकायतकर्ता को बुलाकर की बात कागजातों की हुई जांच, बिल्डर सौरभ अग्रवाल को दी चेतावनी जांच होने तक काम शुरू की तो जाएंगे जेल स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से रात में हो रहा था बहुमंजिली इमारत का निर्माण Adityapur (Sanjeev Mehta)आदित्यपुर मुख्य मार्ग पर एक तालाब को भरकर हो रहे बहुमंजिला बिल्डिंग निर्माण मामले में गम्हरिया अंचल अधिकारी अजय सिंह ने कड़ी कार्रवाई की है. यह कार्रवाई शुभम संदेश समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद हुई है. सीओ गम्हरिया ने गुरुवार को अंचल के सीआई प्रमोद कुमार सिंह औऱ कर्मचारी को भेज कर निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण कराया और तत्काल काम को बंद करवा दिया है. सीओ ने कड़े रुख अख्तियार करते हुए चालू काम का वीडियोग्राफी करायी और बिल्डर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात भी कही है. सीओ ने मौके पर शिकायतकर्ता आरटीआई कार्यकर्ता प्रो. एसके महतो को भी बुलाकर उनसे बात की. उनसे कागजातों को मांग कर जांच की है. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/big-accident-in-darbhanga-bihar-cylinder-blast-in-wedding-ceremony-six-people-died/">बिहार

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जांच में प्रथमदृष्टया तालाब की जमीन दिंदली बस्ती निवासी काशीनाथ महतो की निकली है जो सीएनटी एक्ट के दायरे में आते हैं. सीओ ने इस निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने की चेतावनी देते हुए बिल्डर सौरभ अग्रवाल से कहा है कि जांच होने तक काम शुरू किये तो जेल भेज देंगे. सीओ की त्वरित कार्रवाई से तालाब भरकर आसपास बने अपार्टमेंट्स के बिल्डरों में हड़कंप मच गया है. बता दें कि आदित्यपुर में ऐसे दर्जनों अपार्टमेंट्स बने हैं जो स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से तालाब को भरकर बनाये गए हैं. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-jmm-leader-dies-after-being-hit-by-unknown-vehicle-husband-injured/">चांडिल

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बता दें कि जिला प्रशासन की रोक के बावजूद आदित्यपुर में मुख्य मार्ग के किनारे गुपचुप तरीक़े से रात के अंधेरे में तालाब को भरकर बहुमंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य महीने भर से किया जा रहा था. जबकि तालाब भरकर हो रहे बहुमंजिला बिल्डिंग निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत रोक लगी हुई है. इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता प्रो. सुरेंद्र कुमार महतो ने स्थानीय प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा था कि उक्त निर्माण पर रोक लगी हुई है. लेकिन स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत का फायदा उठाते हुए बिल्डर रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से काम करवा रहा था. इसे भी पढ़ें : पीएम">https://lagatar.in/pm-modi-and-rahul-gandhi-posted-on-x-must-vote-for-strong-democracy/">पीएम

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उन्होंने बताया कि वे इसकी शिकायत तीन तीन झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, कोल्हान आयुक्त और उपायुक्त से कर चुके हैं. अपनी शिकायत में आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा है कि सिटी रेसीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर सौरभ अग्रवाल के द्वारा शेरे पंजाब चौक, आदित्यपुर स्थित स्वर्ण रेखा भवन के ठीक उत्तर की ओर मुख्य सड़क के सटे लाेकनाथ कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग ओर सुमन टावर के बीचोंबीच तालाब की भूमि को भरकर, जो झारखंड के मूल निवासी महतो जाति की भूमि भी है. इस बड़े भूखंड पर एक बड़े जी प्लस 15 तल्ले का आवासीय सह व्यावसायिक भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि उनके शिकायत पर कुछ दिनों तक इसका निर्माण कार्य बंद था. लेकिन करीब एक महीने से फिर से जेसीबी एवम अन्य मशीनारियों तथा मज़दूरों के सहारे निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया था. इसे भी पढ़ें : लोकसभा">https://lagatar.in/voting-begins-on-88-seats-in-13-states-in-the-second-phase-of-lok-sabha-elections/">लोकसभा

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उन्होंने कहा कि तालाब की भूमि को भरकर उसपर निर्मान कार्य करना माननीय सुप्रीम कोर्ट के उस निर्णय (सिविल अपील No. 4787/2001. Hinch lal Tiwary Vrs Kamla Devi and others) का उल्लंघन है. साथ ही CNT Act 1908 की धारा 46 (a) का भी उल्लंघन है. क्योंकि यह भूमि CNT Act की प्रतिबंधित भूमि है. यह दूसरी जाति और दूसरे थाना एवं दूसरे जिला के व्यक्ति के हाथों बेची/हस्तानांतरित नहीं की जा सकती है. उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि इस कार्य को रुकवाते हुए शीघ्र दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग किया था. बता दें आरटीआई कार्यकर्ता प्रो. सुरेंद्र कुमार महतो द्वारा आदित्यपुर में जलस्रोतों के पर्याय तालाब को भरकर बने भवनों के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं. इसे भी पढ़ें : किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-reduction-in-activism-of-workers-due-to-lack-of-political-funds/">किरीबुरु

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इसके तहत कई बिल्डर्स के साथ शम्भू संध्या ट्रस्ट द्वारा स्थापित किए गए श्रीनाथ कॉलेज की जमीन को भी पुनः तालाब में तब्दील करने की मांग देश के राष्ट्रपति से कर चुके हैं. उनके शिकायत पर झारखंड सरकार को कार्रवाई करने का आदेश भी प्राप्त है लेकिन अब तक इस पर प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया है. जिसको लेकर प्रो महतो ने तीसरी बार राष्ट्रपति कार्यालय को रिमाइंडर पत्र लिखा है. [wpse_comments_template]

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