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आठ साल बाद बाल सुधार गृह के बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा बहाल करने का आदेश

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो बाल सुधार गृह के बर्खास्त कर्मचारियों की सेवा तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है. न्यायाधीश दीपक रौशन ने बाल सुधार गृह के बर्खास्त कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आज यह फैसला सुनाया.

 

वर्ष 2016 में बोकारो के तत्कालीन उपायुक्त ने बाल सुधार गृह में आठ पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया था. इंटरव्यू के बाद सफल हुए आठ लोगों को नियुक्त किया गया. जिन लोगों को नियुक्त किया गया उसमें बालमुकुंद प्रजापति, संदीप कुमार, राजेश कुमार, मुकेश कुमार दास, राजेंद्र प्रसाद और राजेश कुमार-2 का नाम शामिल था. नियुक्ति के बाद इन कर्मचारियों का सर्विस बुक खोला गया.

 

साथ ही नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन भुगतान किया जाता रहा. एक साल बाद इन कर्मचारियों को एक महीने का नोटिस देकर सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया. इसके बाद उन कर्मचारियों की नियमित सेवा समाप्त कर उन्हें जनवरी 2018 से दैनिक मजदूर के रूप में काम कराया गया.

 

बाल सुधार गृह के इन कर्मचारियों ने वर्ष 2017 में याचिका दायर की. इसमें उन्हें नियमित कर्मचारी से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बनाए जाने के सरकारी फैसला का विरोध किया गया. मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह कहा गया कि विभाग ने बाल सुधार गृह के आठ पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्त करने का फैसला किया था.

 

इसके आलोक में विज्ञापन प्रकाशित किया गया और नियुक्ति की गई. लेकिन गलती से उनका सर्विस बुक खोल दिया गया. मामले के पकड़ में आने के बाद एक महीने का नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई. 

 

याचिकादाताओं की ओर से इसका विरोध करते हुए यह बताया गया कि उनकी नियुक्ति नियमित कर्मचारियों की तरह विज्ञापन के माध्यम से हुई. सर्विस बुक खोला गया और नियमित कर्मचारी के रूप में वेतन भुगतान किया गया. सरकार के स्तर से हुई गलती में कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है. इसलिए उन्हें नियमित सेवा का लाभ दिया जाना चाहिए.

 

न्यायालय ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद 27 नवंबर 2025 को अपना फैसला सुनाया. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बाल सुधार गृह में नियुक्त इन कर्मचारियों का योगदान स्वीकार किया गया. उनका सर्विस बुक खोला गया. वेतन का भुगतान किया गया. लेकिन सरकार को अपनी गलती का पता लगने के बाद इन कर्मचारियों के सेवा एक महीने का नोटिस देकर समाप्त कर दिया गया.

 

अपनी गलती सुधारने के लिए सेवा समाप्त करने के लिए जारी किया गया आदेश कानून की नजर में सही नहीं है. इसलिए सेवा समाप्त करने के लिए जारी आदेश को रद्द किया जाता है. साथ ही तत्काल इन कर्मचारियों की सेवा बहाल करने का आदेश दिया जाता है.

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