Ranchi : हजारीबाग में वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन करने से जुड़े मामले की ACB जांच कर रही है. अब तक इस मामले में नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक विनय सिंह और हजारीबाग के लैंड ब्रोकर विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है.
वहीं हजारीबाग सदर अंचल की तत्कालीन अंचल अधिकारी अलका कुमारी का बयान ACB कोर्ट में दर्ज करवाया गया है. अपने बयान में अलका कुमारी ने यह खुलासा किया है कि तत्कालीन डीसी विनय चौबे के कहने पर ही सीओ रहते हुए उन्होंने उक्त भूमि का म्यूटेशन किया, जो वन भूमि प्रकृति की भूमि है.
अलका कुमारी के बयान के बाद अब यह तय हो गया है कि इस पूरे मामले में राज्य के वरीय IAS अधिकारी विनय चौबे को भी अभियुक्त बनाया जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो विनय चौबे की मुश्किलें बढ़नी तय हैं. क्योंकि उनके विरुद्ध ACB पहले ही तीन मामले दर्ज कर चुकी है.
अब तक विनय चौबे के खिलाफ ACB ने जो केस दर्ज किए हैं, उसमें पहला केस चर्चित शराब घोटाले का है. इसका कांड संख्या 9/2025 है. जिस दूसरे केस में विनय चौबे को अभियुक्त बनाया गया है, वह सेवायत भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री से जुड़ा है.
इस केस में विनय चौबे जेल में बंद हैं और जमानत के लिए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस केस का कांड संख्या भी 9/2025 है. यह केस हजारीबाग में दर्ज हुआ था.
तीसरा केस विनय चौबे के विरुद्ध आय से अधिक संपति की जांच को लेकर दर्ज हुआ है. वहीं अब चौथे केस में भी उनका अभियुक्त बनना तय है. जिसका कांड संख्या 11/2025 है.
ACB की टीम इस केस में तेजी से जांच कर रही है और जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तारी किया जा सकता है. इस केस में पांच सरकारी और अन्य लोगों को मिलाकर कुल 72 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
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