Ranchi News : झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं. लंबे आंदोलन के बाद सरकार के आश्वासन पर धरना स्थगित करने वाले छात्रों ने अब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार ने भरोसा दिलाया था, उनकी कानूनी लड़ाई में सरकार का पक्ष मजबूती से सामने नहीं रखा जा रहा है.
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इसी नाराजगी के बीच JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच ने 21 अगस्त को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में सरकार का पुतला दहन करने की घोषणा की है. छात्रों ने इसे सरकार के खिलाफ विरोध के अगले चरण के तौर पर बताया है.
JPSC-JSSC परीक्षा सुधार की मांग को लेकर छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में करीब 26 दिनों तक धरना और भूख हड़ताल पर बैठे थे. छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच शामिल थी.
छात्र नेताओं के मुताबिक, आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से कई मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया. इसके बाद छात्रों ने मुख्यमंत्री के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए आंदोलन स्थगित किया और सरकार को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए समय दिया.
छात्रों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई, जब रद्द की गई परीक्षाओं से संबंधित मामला हाईकोर्ट पहुंचा. आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले और उससे जुड़े तथ्यों का प्रभावी तरीके से बचाव नहीं किया गया.
छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर कार्रवाई की और कई परीक्षाओं को रद्द किया, तो अदालत में इस फैसले के पीछे के आधार को मजबूती से क्यों नहीं रखा गया.
छात्र नेताओं का आरोप है कि उनका आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब अदालत में सरकार की भूमिका को देखकर उन्हें लगता है कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है. उनका कहना है कि छात्रों ने टकराव का रास्ता छोड़कर सरकार को समय दिया, लेकिन यदि सरकार अपने वादों को लेकर गंभीर है तो उसे अदालत में भी उसी मजबूती के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए.
छात्रों ने साफ किया है कि यदि JSSC CGL और अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई में सरकार का रवैया नहीं बदला, तो आंदोलन दोबारा बड़े स्तर पर शुरू किया जा सकता है. छात्र नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्यभर से छात्रों को रांची बुलाया जाएगा और जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा.
छात्रों के मुताबिक, 21 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिला मुख्यालयों में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा. इसके जरिए सरकार को यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि छात्र अपने मुद्दों पर समझौता करने के मूड में नहीं हैं.
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपने आश्वासनों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने इसे आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत बताते हुए बड़े पैमाने पर 'उलगुलान' की चेतावनी दी है.
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